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Rafting – मानसून के चलते ऋषिकेश में साहसिक गतिविधि पर लगी अस्थायी रोक

Rafting – उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ऋषिकेश में गंगा नदी पर होने वाली रिवर राफ्टिंग को 1 जुलाई 2026 से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हर वर्ष मानसून के आगमन के साथ प्रशासन और संबंधित विभाग पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाते हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटक गर्मियों के दौरान यहां राफ्टिंग का आनंद लेते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और तेज बहाव बढ़ने के कारण इस गतिविधि को कुछ समय के लिए रोक दिया जाता है।

30 जून को हुआ इस सीजन का अंतिम संचालन

राफ्टिंग सत्र का अंतिम संचालन 30 जून की शाम तक किया गया। इसके बाद निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार सभी राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लागू हो गई। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसलिए नदी की परिस्थितियां सामान्य होने तक किसी भी व्यावसायिक राफ्टिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा कारणों से हर साल लिया जाता है फैसला

मानसून के दौरान गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और पानी का प्रवाह भी काफी तेज हो जाता है। ऐसे हालात में राफ्टिंग कराना जोखिम भरा माना जाता है। इसी वजह से हर वर्ष बरसात के मौसम में इस साहसिक खेल को अस्थायी रूप से बंद रखा जाता है। यह निर्णय पर्यटकों, प्रशिक्षकों और राफ्टिंग कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जाता है।

सितंबर में फिर शुरू होगी राफ्टिंग

जो पर्यटक आने वाले दिनों में ऋषिकेश में राफ्टिंग का अनुभव लेना चाहते थे, उन्हें अब कुछ समय का इंतजार करना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मौसम सामान्य होने के बाद सितंबर 2026 से राफ्टिंग दोबारा शुरू किए जाने की योजना है। इस वर्ष के राफ्टिंग सीजन में लगभग 3.80 लाख पर्यटकों ने गंगा में इस रोमांचक गतिविधि का आनंद लिया, जिससे क्षेत्र के पर्यटन कारोबार को भी अच्छा समर्थन मिला।

अलग-अलग दूरी वाले रूट हैं उपलब्ध

ऋषिकेश में पर्यटकों की सुविधा और अनुभव के अनुसार कई राफ्टिंग रूट निर्धारित किए गए हैं। सबसे लंबा मार्ग कौडियाला से राम झूला नीम बीच तक लगभग 35 किलोमीटर का है। इसके अलावा कौडियाला से शिवपुरी करीब 20 किलोमीटर, मरीन ड्राइव से शिवपुरी लगभग 10 किलोमीटर और शिवपुरी से राम झूला नीम बीच करीब 15 किलोमीटर का रूट उपलब्ध रहता है। मरीन ड्राइव से राम झूला नीम बीच लगभग 25 किलोमीटर, जबकि ब्रह्मपुरी और क्लब हाउस से राम झूला नीम बीच तक करीब 9-9 किलोमीटर के छोटे रूट भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। मौसम अनुकूल होने के बाद इन सभी मार्गों पर राफ्टिंग संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।

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