JPSC-JSSC – विधानसभा घेराव के लिए छात्रों ने बदला रास्ता, पुलिस से हुआ टकराव
JPSC-JSSC – रांची में सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए अलग रणनीति अपनाई। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क छोड़कर खेतों और पगडंडियों के रास्ते आगे बढ़ते दिखाई दिए। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर कंटीले तार, बैरिकेडिंग, वॉटर कैनन और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया है

विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही। विधानसभा की तरफ जाने वाली प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई और कई जगह कंटीले तार लगाए गए। सुरक्षा व्यवस्था में वॉटर कैनन के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के आसपास न पहुंचें और निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के भीतर ही स्थिति को नियंत्रित रखा जाए।
मुख्य मार्ग बंद होने पर छात्रों ने अपनाया वैकल्पिक रास्ता
प्रमुख रास्तों पर पुलिस की तैनाती के बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए खेतों और ग्रामीण पगडंडियों का सहारा लिया। छात्रों के अलग-अलग समूह वैकल्पिक रास्तों से विधानसभा की ओर बढ़ते नजर आए। इससे पुलिस के सामने प्रदर्शनकारियों को रोकने की चुनौती बढ़ गई। मुख्य सड़कों पर सुरक्षा घेरा बनाए जाने के बावजूद ग्रामीण रास्तों से छात्रों की आवाजाही ने प्रशासन की तैयारियों को मुश्किल में डाल दिया।
नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से जारी है विरोध
छात्रों का यह आंदोलन JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर है। प्रदर्शनकारी विशेष रूप से JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इन्हीं मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगें सरकार तक सीधे पहुंचाना चाहते हैं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
बैरिकेडिंग पार करने के दौरान पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
विधानसभा की ओर बढ़ते समय कुछ स्थानों पर छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड और कंटीले तार पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
घायल छात्र ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लाठीचार्ज में घायल होने का दावा करने वाले प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और किसी तरह की अभद्रता नहीं कर रहे थे। उनके अनुसार, अचानक लाठीचार्ज शुरू किया गया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। एक अन्य छात्र ने भी आरोप लगाया कि बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के दौरान सिर, हाथ और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट लगी। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के दावों में अंतर
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में लाठीचार्ज की परिस्थितियों और बल प्रयोग की आवश्यकता को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जा सकता है। फिलहाल छात्रों की मुख्य मांगें परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट कार्रवाई से जुड़ी हैं।