CompensationRelief – गुरुग्राम हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों को मिली सहायता
CompensationRelief – हरियाणा के गुरुग्राम में हुए एक दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने आगे बढ़कर मदद की है। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता सौंपी। इस दौरान माहौल भावुक रहा और परिजनों ने अपने अनुभव साझा किए।

पीड़ित परिवारों को दी गई आर्थिक सहायता
कार्यक्रम के दौरान मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में चेक वितरित किए गए। जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक परिवार को लगभग 40 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। यह राशि उन परिवारों को आर्थिक रूप से संभलने में मदद करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है, जिनके घर का मुख्य कमाने वाला व्यक्ति इस हादसे में खो गया।
सरकार ने जताई संवेदना और सहयोग का भरोसा
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने इस मौके पर कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इससे पूरे समाज को झटका लगा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि इस तरह की परिस्थितियों में केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग भी जरूरी होता है।
रोजगार के अवसर भी किए उपलब्ध
परिवारों की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो मृतकों के परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित परिवारों को नियमित आय का स्रोत मिल सके और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकें। मंत्री ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार के खर्चों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जीवनयापन की चुनौतियों पर जोर
मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि ऐसे हादसों के बाद परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता है। खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसी आवश्यकताओं पर असर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल राहत देने के साथ-साथ दीर्घकालिक सहायता की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
परिजनों ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में पीड़ित परिवारों ने सरकार द्वारा दी गई मदद के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में मिली सहायता उनके लिए सहारा बनी है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार उनका साथ देती रहेगी।



