LightningTragedy – चतरा में वज्रपात से तीन महिलाओं की मौत, कई घायल
LightningTragedy – झारखंड के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। इसी दौरान चतरा जिले के पत्थलगड़ा क्षेत्र में वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं ने दुखद स्थिति पैदा कर दी। इन घटनाओं में तीन महिलाओं की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ईद से ठीक पहले हुई इस त्रासदी ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

महुआ चुनने गई महिलाओं पर गिरी बिजली
पहली घटना पत्थलगड़ा और गिद्धौर प्रखंड की सीमा पर स्थित बंदरचुवा गांव में हुई। यहां दोपहर के समय कुछ महिलाएं महुआ चुनने के लिए जंगल गई थीं। अचानक मौसम खराब हो गया और बारिश शुरू हो गई। इससे बचने के लिए महिलाएं पास के पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। इसी दौरान तेज वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका की पहचान सिंघानी गांव निवासी 35 वर्षीय शमा परवीन के रूप में हुई है। इस हादसे में उनकी 12 वर्षीय बेटी और गांव की एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग भेज दिया गया।
जेहरा गांव में दो महिलाओं की गई जान
दूसरी घटना पत्थलगड़ा प्रखंड के ही जेहरा गांव में हुई, जहां वज्रपात की चपेट में आकर दो महिलाओं की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं घर के बाहर बैठी थीं, तभी पास के एक पेड़ पर बिजली गिरी और उसकी चपेट में आ गईं। मृतकों की पहचान कल्याणी देवी और पूनम देवी के रूप में की गई है, जो आपस में बहनें बताई जा रही हैं।
एक व्यक्ति घायल, बच्चे सुरक्षित
इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। राहत की बात यह रही कि पास में खेल रहे बच्चे इस घटना में सुरक्षित बच गए। ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने दी सहायता का भरोसा
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। अंचलाधिकारी उदल राम प्रभावित गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा और परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
त्योहार से पहले छाया शोक
ईद के मौके पर जहां खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहीं इन घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।
मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और सावधानी बरतें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।