अंतर्राष्ट्रीय

Hantavirus – क्रूज जहाज पर संक्रमण के बाद कई देशों में बढ़ी सतर्कता

Hantavirus – डच क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार दो यात्री हंतावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद जहाज पर मौजूद अमेरिकी नागरिकों को विशेष एयरलिफ्ट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित और संदिग्ध यात्रियों को सुरक्षा मानकों के तहत विशेष बायोकंटेनमेंट यूनिट में रखा गया है ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

अमेरिका में विशेष चिकित्सा निगरानी शुरू

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर मौजूद 17 अमेरिकी नागरिकों को पहले नेब्रास्का के ओमाहा स्थित विशेष चिकित्सा केंद्र ले जाया जाएगा। वहां पहुंचने के बाद सभी यात्रियों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन लोगों में हल्के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें बाद में उनके क्षेत्र के विशेष उपचार केंद्रों में भेजा जा सकता है। चिकित्सा टीम प्रत्येक यात्री की निगरानी करेगी और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकोप से जुड़े कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जबकि कुछ मौतों की भी पुष्टि की गई है। हालांकि अधिकारियों ने आम लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

क्या है हंतावायरस संक्रमण

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र यानी सीडीसी के अनुसार, हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृंतकों के संपर्क से फैलता है। यह वायरस उनके मल, मूत्र या लार के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में यह संक्रमण इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। वायरस के लक्षण सामने आने में एक से आठ सप्ताह तक का समय लग सकता है। गंभीर मामलों में यह संक्रमण फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर असर डाल सकता है।

ब्रिटेन में भी यात्रियों को आइसोलेट किया गया

एमवी होंडियस से निकाले गए ब्रिटेन के 20 नागरिकों को भी स्वास्थ्य निगरानी में रखा गया है। मैनचेस्टर पहुंचने के बाद इन यात्रियों को उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के एरो पार्क अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें अलग वार्ड में रखा गया है।

ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसियों ने बताया कि सभी यात्रियों का चिकित्सकीय मूल्यांकन किया जाएगा। यदि उनमें संक्रमण के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्हें कुछ सप्ताह तक स्वयं को अलग रखने की सलाह दी गई है।

दूरस्थ द्वीप पर भेजी गई मेडिकल टीम

ब्रिटिश सरकार ने दक्षिण अटलांटिक क्षेत्र के ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप पर भी विशेष चिकित्सा सहायता भेजी है। यहां एक ब्रिटिश नागरिक में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सैन्य और मेडिकल टीम को तैनात किया गया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पैराशूट के जरिए चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्यकर्मियों को द्वीप तक पहुंचाया गया। यह इलाका दुनिया के सबसे दूरस्थ आबादी वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में काफी कठिन माना जाता है।

स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों को किया सतर्क

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां फिलहाल स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के लिए खतरा फिलहाल सीमित माना जा रहा है, लेकिन संक्रमित क्षेत्रों और संदिग्ध मामलों को लेकर सतर्कता जरूरी है।

विशेषज्ञों ने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमित जानवरों से दूरी रखने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है।

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