स्वास्थ्य

PregnancyCare – हीटवेव के दौरान गर्भवती महिलाओं को बरतनी चाहिए ये सावधानियां

PregnancyCare – देश के कई राज्यों में इन दिनों तेज गर्मी और लू का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ते तापमान का प्रभाव हर आयु वर्ग पर पड़ता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई शारीरिक बदलाव होते हैं, जिससे अधिक गर्मी और पानी की कमी का असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों पर पड़ सकता है।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना बेहद जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को केवल प्यास लगने पर ही पानी पीने का इंतजार नहीं करना चाहिए। नियमित अंतराल पर पानी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य प्राकृतिक पेय पदार्थ गर्मी के मौसम में फायदेमंद माने जाते हैं। यदि अधिक पसीना आने या थकान महसूस होने जैसी स्थिति बने तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस का उपयोग भी किया जा सकता है। चक्कर आना, सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी के लक्षण हो सकते हैं।

दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दिन के कुछ घंटे गर्मी के लिहाज से सबसे अधिक जोखिम वाले होते हैं। खासकर सुबह के बाद से लेकर देर दोपहर तक तापमान और गर्म हवाओं का प्रभाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे समय में गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए।

यदि किसी जरूरी काम या चिकित्सकीय जांच के लिए बाहर जाना अनिवार्य हो, तो धूप से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। छाता, सिर को ढकने वाला कपड़ा और आंखों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त साधनों का उपयोग गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।

आरामदायक और हल्के कपड़ों का करें चयन

गर्म मौसम में कपड़ों का चुनाव भी स्वास्थ्य पर असर डालता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भावस्था के दौरान हल्के रंगों और सूती कपड़ों को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे कपड़े शरीर में हवा के प्रवाह को बेहतर बनाए रखते हैं और गर्मी से राहत देने में सहायक होते हैं।

इसके विपरीत, बहुत अधिक तंग या कृत्रिम रेशों से बने कपड़े असहजता बढ़ा सकते हैं। ऐसे कपड़ों में पसीना अधिक रुकता है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मौसम के अनुरूप ढीले और आरामदायक वस्त्र पहनना बेहतर माना जाता है।

खानपान में रखें विशेष संतुलन

गर्मी के मौसम में भोजन का चुनाव भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार पानी से भरपूर फल और ताजा खाद्य पदार्थ शरीर को पोषण देने के साथ-साथ हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और खट्टे फलों को दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है।

इसके साथ ही हरी सब्जियां, दालें और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित पोषण प्रदान करते हैं। दूसरी ओर अत्यधिक तला-भुना, मसालेदार या लंबे समय से रखा हुआ भोजन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकता है। इसलिए गर्मियों में हल्का और ताजा भोजन अधिक उपयुक्त माना जाता है।

पर्याप्त आराम और तनाव से दूरी जरूरी

गर्भावस्था के दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और देखभाल की आवश्यकता होती है। भीषण गर्मी में अधिक शारीरिक मेहनत करने से थकान और असहजता बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भारी सामान उठाने, लंबे समय तक खड़े रहने या अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।

पर्याप्त नींद और नियमित आराम भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। मानसिक तनाव को कम रखना और आरामदायक दिनचर्या अपनाना मां और शिशु दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है।

कब लें डॉक्टर की सलाह

यदि गर्भवती महिला को लगातार चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी होना, धुंधला दिखाई देना या गर्भ में शिशु की गतिविधियों में कमी महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय रहते जांच कराना सुरक्षित विकल्प होता है।

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