StormAccident – विक्रमशिला सेतु हादसे में युवक की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदली
StormAccident – भागलपुर में बुधवार को आए तेज तूफान और बारिश के बीच विक्रमशिला सेतु पर हुआ एक दर्दनाक हादसा एक परिवार के लिए गहरा दुख छोड़ गया। नवगछिया के सोनवर्षा गांव निवासी 40 वर्षीय विनय कुमार ईश्वर की हादसे में जान चली गई। परिवार में कुछ दिनों बाद शादी की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे घर का माहौल बदल दिया।

परिजनों के अनुसार, घर में शादी से जुड़ी खरीदारी चल रही थी और सभी सदस्य उत्सव की तैयारियों में व्यस्त थे। इसी बीच यह दुर्घटना हो गई।
खरीदारी कर लौट रहे थे पिता-पुत्र
जानकारी के मुताबिक, विनय कुमार अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ भागलपुर से गांव वापस लौट रहे थे। वह रोजाना दूध के कारोबार के सिलसिले में शहर आते-जाते थे। बुधवार को भी वे आवश्यक सामान खरीदने के बाद घर की ओर लौट रहे थे।
इसी दौरान रास्ते में मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवा, बारिश और बवंडर जैसी स्थिति के कारण लोगों ने सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी।
तेज हवा से क्षतिग्रस्त हुआ शेड
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश और आंधी से बचने के लिए विनय कुमार अपने बेटे के साथ पुल पर बने एक शेड के पास रुक गए। उन्होंने बेटे को अंदर सुरक्षित स्थान पर बैठाया, जबकि स्वयं बाहर खड़े रहे।
कुछ ही देर बाद तेज हवा के कारण शेड का हिस्सा उखड़ गया। उससे जुड़े टीन और लोहे के ढांचे का एक भाग विनय कुमार के सिर पर आ गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर मचा हड़कंप
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए क्षतिग्रस्त ढांचे को हटाया और घायल व्यक्ति को बाहर निकाला।
परिजनों के मुताबिक, उस समय उनमें जीवन के संकेत मौजूद थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। बेटे ने भी हादसे के दौरान हल्की चोट लगने की जानकारी दी है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन रास्ते में उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती गई। बाद में उन्हें मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
परिवार के सदस्यों का आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल पहुंचाने में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। उनका कहना है कि समय पर उपचार मिलता तो स्थिति अलग हो सकती थी।
मुआवजे की मांग को लेकर विरोध
हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। उन्होंने अस्पताल परिसर के पास विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से उचित सहायता तथा मुआवजे की मांग उठाई।
कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया।
जांच और सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना मिलने पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
साथ ही पुल पर स्थापित शेड और अन्य संरचनाओं की स्थिति की जांच कराने की बात भी कही गई है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि हादसे के कारणों और रखरखाव संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
संरचनाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
आंधी के दौरान पुल के अन्य हिस्सों में भी कुछ नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे शेड, बिजली उपकरणों और अन्य संरचनाओं की नियमित जांच होनी चाहिए।
नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और समय-समय पर निरीक्षण किया जाए।