मनोरंजन

DhurandharSongs – फिल्म के म्यूजिक में पुराने और नए का दिलचस्प संगम

DhurandharSongs – फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का संगीत दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म के दोनों हिस्सों में संगीत की जिम्मेदारी शाशवत सचदेव ने संभाली है और उन्होंने पारंपरिक धुनों और नए प्रयोगों का ऐसा मेल तैयार किया है, जो अलग-अलग वर्ग के दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। खास बात यह है कि फिल्म में कई पुराने और लोकप्रिय गीतों को नए अंदाज में पेश किया गया है, वहीं कुछ मौलिक गानों को भी शामिल किया गया है।

‘आरी-आरी’ के नए अंदाज ने खींचा ध्यान

फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘आरी-आरी’ एक पुराने लोकप्रिय गाने से प्रेरित है, जिसे आधुनिक संगीत के साथ दोबारा प्रस्तुत किया गया है। इस गाने की जड़ें पारंपरिक धुन ‘बारी-बरसी’ से जुड़ी हैं, जिसे पहले बॉम्बे रॉकर्स ने लोकप्रिय बनाया था। फिल्म के ट्रेलर के साथ ही इस गाने को जारी किया गया, जिससे दर्शकों में इसकी खास पहचान बनी।

‘वारी जावां’ में झलकती है पंजाबी लोकधुन

‘वारी जावां’ भी एक पारंपरिक पंजाबी गीत पर आधारित है, जिसे नए संगीत संयोजन के साथ पेश किया गया है। जैस्मीन सैंडलस की आवाज में यह गाना अपनी क्षेत्रीय पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक शैली में ढला हुआ नजर आता है। गाने में पंजाब की संस्कृति और लोकसंगीत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

पुराने इंटरनेशनल गानों का नया रूप

फिल्म में कुछ अंतरराष्ट्रीय गीतों को भी नए अंदाज में शामिल किया गया है। पहले भाग में लोकप्रिय रहा ‘FA9LA’ की तरह इस बार ‘दीदी’ नामक गीत को शामिल किया गया है, जो मूल रूप से एक अरबी रचना है। इसे फिल्म के एक खास जश्न वाले दृश्य में इस्तेमाल किया गया है, जिससे कहानी को एक अलग रंग मिलता है।

‘ओए-ओए’ का रीक्रिएटेड संस्करण

फिल्म का एक और चर्चित गीत ‘ओए-ओए, तिरछी टोपी वाले’ है, जिसे पुराने फिल्मी गीत से प्रेरित होकर दोबारा तैयार किया गया है। नए संस्करण में आधुनिक संगीत और गायन शैली को जोड़ा गया है, जिससे यह गाना पुराने और नए दर्शकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

सूफी अंदाज में ‘जान से गुजरते हैं’

उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की मशहूर रचना ‘जान से गुजरते हैं’ को भी फिल्म में नए रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस गाने का इस्तेमाल कहानी के भावनात्मक हिस्से को दर्शाने के लिए किया गया है, जिससे किरदार की आंतरिक स्थिति को गहराई से समझा जा सकता है।

पंजाबी और रोमांटिक गानों का संतुलन

फिल्म में ‘जाइए सजणा’ जैसे गाने भी शामिल हैं, जो पंजाबी संगीत की मिठास को दर्शाते हैं। वहीं ‘मैं और तू’ जैसे मूल गीत कहानी के संघर्ष और भावनाओं को सामने लाते हैं। इन गानों में अलग-अलग भावनाओं को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

रोमांस का नया रंग ‘आखिरी इश्क’

फिल्म का रोमांटिक गीत ‘आखिरी इश्क’ दर्शकों को खासा पसंद आ रहा है। इस गाने को जुबिन नौटियाल ने अपनी आवाज दी है और इसके बोल इरशाद कामिल ने लिखे हैं। यह गाना कहानी के भावनात्मक पहलुओं को मजबूत करता है और दर्शकों के साथ जुड़ाव बनाता है।

कुल मिलाकर, ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का संगीत पुराने और नए का संतुलित मिश्रण पेश करता है, जो फिल्म की कहानी को और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.