UPI Growth – मई में डिजिटल भुगतान ने बनाया नया रिकॉर्ड
UPI Growth – भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली ने मई महीने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए मई 2026 में 23.2 अरब लेनदेन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के इसी महीने में हुए 18.67 अरब लेनदेन की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल 2026 में यूपीआई लेनदेन की संख्या 22.35 अरब रही थी, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि एक महीने के भीतर डिजिटल भुगतान गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

लेनदेन मूल्य में भी दर्ज हुई मजबूत बढ़त
एनपीसीआई के अनुसार, अप्रैल महीने में यूपीआई के माध्यम से किए गए कुल लेनदेन का मूल्य 29.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 19 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। बढ़ते लेनदेन मूल्य से यह संकेत मिलता है कि उपभोक्ता और कारोबारी दोनों स्तरों पर डिजिटल भुगतान का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
उपभोक्ता खर्च और यात्रा सीजन का असर
कैशफ्री पेमेंट्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आकाश सिन्हा का कहना है कि मई के आंकड़े डिजिटल भुगतान की मजबूत मांग को दर्शाते हैं। उनके मुताबिक, गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रा गतिविधियों में वृद्धि, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसे बड़े आयोजनों और मौसमी खरीदारी ने यूपीआई लेनदेन को गति दी है। उन्होंने इसे मासिक आधार पर एक सकारात्मक सुधार बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म की निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
छोटे भुगतान बढ़ने से औसत राशि घटी
भारतीय रिजर्व बैंक की भुगतान प्रणाली रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई पर प्रति लेनदेन औसत राशि में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कमी आई है। वर्ष 2021 में जहां औसत टिकट आकार 1,848 रुपये था, वहीं 2025 तक यह घटकर 1,313 रुपये रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि इस बात को दर्शाती है कि यूपीआई का उपयोग अब रोजमर्रा के छोटे भुगतानों के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
क्रेडिट-ऑन-यूपीआई से नई संभावनाएं
आकाश सिन्हा के अनुसार, डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अगला बड़ा विस्तार क्रेडिट-ऑन-यूपीआई सुविधा से आ सकता है। फिलहाल यह व्यवस्था शुरुआती चरण में है, लेकिन आने वाले समय में यह बड़ी संख्या में नए लेनदेन को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ सकती है। इससे उपभोक्ताओं को भुगतान के अतिरिक्त विकल्प मिलने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कई देशों तक पहुंचा यूपीआई नेटवर्क
यूपीआई का विस्तार अब भारत की सीमाओं से बाहर भी तेजी से हो रहा है। सीमा पार भुगतान सेवाओं के तहत यह प्रणाली आठ से अधिक देशों में सक्रिय या विस्तार के चरण में है। वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल और मॉरीशस समेत कई देशों में यूपीआई आधारित भुगतान सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे भारतीय यात्रियों और प्रवासी समुदाय को डिजिटल भुगतान में अधिक सुविधा मिल रही है।
एनपीसीआई की महत्वपूर्ण भूमिका
राष्ट्रीय भुगतान निगम भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए प्रमुख संस्था है। भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल के रूप में स्थापित यह संगठन देश में डिजिटल भुगतान अवसंरचना को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यूपीआई की लगातार बढ़ती स्वीकार्यता भारत के तेजी से विकसित होते डिजिटल अर्थव्यवस्था मॉडल को भी मजबूती प्रदान कर रही है।