Silver Price Volatility: चांदी ने छुआ ढाई लाख का आंकड़ा, आसमान से गिरकर फिर जमीन पर आई कीमतें
Silver Price Volatility: भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में बुधवार का दिन बेहद नाटकीय रहा, जहाँ चांदी की चमक ने निवेशकों की आंखें चौंधिया दीं। वायदा बाजार में चांदी की कीमतों ने $2,59,692$ रुपये प्रति किलोग्राम का वह सर्वोच्च स्तर छू लिया जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी। हालांकि, यह (Record High) स्तर ज्यादा देर तक टिक नहीं सका। जैसे ही भाव ने इस ऐतिहासिक चोटी को छुआ, बाजार में तेज मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया, जिससे कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई।

एमसीएक्स पर चांदी की चाल और चार दिनों की तेजी पर ब्रेक
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी के अनुबंध में पिछले चार दिनों से जारी तूफानी बढ़त आखिरकार थम गई। शुरुआती कारोबार में तेजी दिखाने के बाद चांदी $4,161$ रुपये या $1.61$ प्रतिशत लुढ़ककर $2,54,650$ रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। बाजार के जानकारों का कहना है कि मंगलवार को आई अभूतपूर्व उछाल, जिसमें (Market Correction) के बिना कीमतें $13,167$ रुपये तक बढ़ गई थीं, उसके बाद इस तरह की गिरावट की पूरी संभावना पहले से ही जताई जा रही थी।
सोने की कीमतों पर भी दबाव और मुनाफावसूली का असर
चांदी के साथ-साथ पीली धातु यानी सोने के भाव में भी बुधवार को हल्का दबाव और सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। फरवरी डिलीवरी वाला सोना $633$ रुपये गिरकर $1,38,450$ रुपये प्रति $10$ ग्राम के स्तर पर आ गया। यह गिरावट (Gold Futures) में हाल ही में आई जबरदस्त तेजी के बाद निवेशकों द्वारा अपना लाभ सुरक्षित करने की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ती नजर आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स का हाल और गिरते भाव
भारतीय बाजारों की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर भी कीमती धातुओं के भाव में नरमी का रुख रहा। चांदी वायदा $1.41$ डॉलर गिरकर $79.63$ डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि दिन के समय यह $82.58$ डॉलर के करीब पहुंच गई थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में (Spot Gold) भी $21$ डॉलर की गिरावट के साथ $4,475.10$ डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का डर
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी का मानना है कि वर्तमान में निवेशकों का ध्यान भू-राजनीतिक संकटों से हटकर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की ओर चला गया है। बाजार की नजर अब शुक्रवार को जारी होने वाली (US Jobs Report) पर टिकी है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। जब तक यह डेटा सामने नहीं आता, तब तक कीमती धातुओं में भारी उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
फेडरल रिजर्व के संकेत और ब्याज दरों का गणित
अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के सदस्य नील काशकारी के हालिया बयानों ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि बेरोजगारी दर बढ़ती है, तो (Interest Rate) में कटौती की संभावना प्रबल हो सकती है। व्यापारी वर्तमान में इस वर्ष दो बार दरों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीधे तौर पर सोने और चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने का काम करती है, लेकिन मौजूदा मुनाफावसूली ने फिलहाल तेजी पर लगाम लगा दी है।
ट्रंप की चेतावनी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सहारा
भले ही मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे खींचा हो, लेकिन वैश्विक तनाव अभी भी धातुओं को निचले स्तर पर मजबूत सहारा दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों और (Geopolitical Risk) के चलते निवेशकों का भरोसा अभी भी सुरक्षित निवेश के रूप में बुलियन पर बना हुआ है। वेनेजुएला का मामला हो या चीन और जापान के बीच बढ़ता सैन्य सामानों के निर्यात का विवाद, इन सभी कारकों ने कीमती धातुओं की मांग को वैश्विक बाजार में जीवित रखा है।
भविष्य की दिशा और निवेशकों के लिए सावधानी की सलाह
आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट की दिशा पूरी तरह से अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगी। रिकॉर्ड स्तर पर (Trading Strategy) बनाने वाले निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। हालांकि वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए कीमती धातुओं में किसी बहुत बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।



