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Semiconductor – विदेशी मुद्रा बचत और रेलवे विस्तार पर सरकार का बड़ा फोकस

Semiconductor – केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की अर्थव्यवस्था, तकनीकी विकास और रेलवे नेटवर्क को लेकर कई अहम बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे हालात में भारत को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा की बचत करने का आग्रह किया है। मंत्री के अनुसार, देश को उन वस्तुओं पर निर्भरता कम करनी होगी जिनके आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।

विदेशी मुद्रा बचाने पर सरकार का जोर

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आम लोग अपनी दैनिक आदतों में छोटे बदलाव करके भी देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल को इसका एक बड़ा उदाहरण बताया। उनका कहना था कि ईंधन की खपत कम होने से आयात पर दबाव घटेगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

मंत्री ने उद्योग जगत और कारोबारियों से भी अपील की कि वे ऐसे विकल्प तलाशें जिनसे विदेशी मुद्रा खर्च कम हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि केवल बचत करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्यात और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़कर अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करना भी उतना ही जरूरी है। सरकार चाहती है कि देश उत्पादन और तकनीकी क्षमता दोनों में मजबूत बने।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा भारत

तकनीकी क्षेत्र पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत लंबे समय से सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में प्रयास करता रहा है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत कई दशक पहले हुई थी और अलग-अलग सरकारों ने समय-समय पर इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश की।

वैष्णव के अनुसार, अब भारत इस दिशा में तेजी से ठोस परिणाम हासिल कर रहा है। देश की दो सेमीकंडक्टर इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। तीसरी इकाई के जुलाई तक शुरू होने की संभावना है, जबकि चौथी फैक्ट्री भी वर्ष के अंत तक तैयार हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

रेलवे परियोजनाओं में तेजी का दावा

रेल मंत्रालय से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे के कई बड़े प्रोजेक्ट निर्धारित समय से तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में रेलवे ने फरवरी के अंत तक लगभग 98 प्रतिशत बजट का उपयोग कर लिया था। इससे यह संकेत मिलता है कि निर्माण और विस्तार कार्यों की रफ्तार लगातार बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। देश में अब तक करीब 49 हजार किलोमीटर रेल मार्ग का बिजलीकरण पूरा किया जा चुका है। मंत्री ने इसे भारत के रेलवे इतिहास में बड़ा बदलाव बताया। इसके साथ ही 36 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइनें भी जोड़ी गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में संपर्क बेहतर हुआ है।

हाई-स्पीड रूट्स से यात्रा समय में आएगी कमी

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आने वाले वर्षों में कई रेल मार्गों पर यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। उनका दावा है कि कुछ प्रमुख रूट ऐसे होंगे जहां ट्रेनें हवाई यात्रा को भी कड़ी चुनौती देंगी।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में मुंबई से पुणे का सफर करीब 28 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। वहीं पुणे से हैदराबाद की यात्रा लगभग दो घंटे से कम समय में संभव होगी। बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा समय भी काफी घटकर करीब 78 मिनट रह जाने का अनुमान है।

दिल्ली से वाराणसी और दिल्ली से लखनऊ के बीच भी तेज रफ्तार रेल सेवाओं के जरिए यात्रा समय में बड़ी कमी आने की बात कही गई। मंत्री के अनुसार, नए रेल कॉरिडोर और आधुनिक तकनीक से यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित सफर का लाभ मिलेगा।

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