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Energy – सरकार ने E20 इथेनॉल मिश्रण को बताया वैश्विक स्तर पर स्थापित ईंधन

Energy – पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 को लेकर हाल के दिनों में उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इथेनॉल किसी प्रकार का नया या प्रयोगात्मक ईंधन नहीं है। सरकार का कहना है कि दुनिया के कई देशों में दशकों से परिवहन क्षेत्र में इसका सफल उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इथेनॉल के उपयोग पर सरकार का पक्ष

सरकार के अनुसार पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की तकनीक लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही है। भारत का E20 कार्यक्रम भी वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन की उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। हाल के दिनों में कुछ दावों में इंजन की कार्यक्षमता, माइलेज और बीमा संबंधी मुद्दे उठाए गए, लेकिन सरकार ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर कई देशों का अनुभव सकारात्मक रहा है।

कई देशों में वर्षों से हो रहा उपयोग

अमेरिका में E10 लंबे समय से मानक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि E15 भी वहां उपलब्ध है। इसके अलावा बड़ी संख्या में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन E85 तक के इथेनॉल मिश्रण पर संचालित होते हैं। वहीं ब्राजील, जो इथेनॉल के उपयोग में अग्रणी देशों में शामिल है, वहां पेट्रोल में लगभग 27 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण अनिवार्य है और इसे आगे बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि इथेनॉल आधारित ईंधन वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य विकल्प है।

विदेशी मुद्रा बचत और पर्यावरणीय लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने दिसंबर 2025 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया था। वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक इस कार्यक्रम के कारण 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई। इसी अवधि में किसानों को 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। सरकार का यह भी दावा है कि इथेनॉल मिश्रण से लगभग 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ और 310 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल की खपत की जगह इथेनॉल का उपयोग किया गया।

उच्च प्रदर्शन वाले इंजनों में भी उपयोग

सरकार ने यह भी बताया कि इथेनॉल का ऑक्टेन स्तर अधिक होने के कारण इसे उच्च प्रदर्शन वाले इंजन के लिए उपयुक्त ईंधन माना जाता है। इसी वजह से कई देशों में स्पोर्ट्स कारों और विशेष श्रेणी के वाहनों में भी इथेनॉल आधारित ईंधन का लंबे समय से उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर दहन क्षमता के कारण यह स्वच्छ ईंधन विकल्प के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम केवल वैकल्पिक ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा आत्मनिर्भरता, किसानों की आय में सहयोग और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है। इसी कारण E20 नीति को देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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