Airfare – जून में 72 घरेलू रूटों पर 20.5 फीसदी बढ़ा हवाई किराया
Airfare- देश में घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सफर पहले की तुलना में महंगा हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के आधार पर सरकार ने जानकारी दी है कि जून 2026 के दौरान 72 घरेलू हवाई मार्गों पर औसत किराए में 20.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी मई 2025 के मुकाबले दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, किराए में बदलाव मुख्य रूप से एयरलाइंस की बढ़ती परिचालन लागत और बाजार की परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है।

राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि एयरलाइंस की परिचालन लागत स्थिर नहीं रहती और समय-समय पर कई कारणों से बदलती है। उन्होंने कहा कि विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, विदेशी मुद्रा विनिमय दर, उत्पाद शुल्क, वैट और विमानों का लीज किराया जैसी लागतें टिकट की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन सभी कारकों का सीधा असर एयरलाइंस के कुल खर्च पर पड़ता है।
ईंधन और अन्य खर्च बने प्रमुख वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में ATF की हिस्सेदारी लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में मामूली बदलाव भी टिकट दरों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले विनिमय दर में उतार-चढ़ाव, विमानों के रखरखाव और लीज लागत में वृद्धि भी परिचालन खर्च बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं। यही वजह है कि एयरलाइंस समय-समय पर अपनी लागत के अनुरूप किराए में संशोधन करती हैं।
किराया तय करने का अधिकार एयरलाइंस के पास
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू हवाई किरायों का निर्धारण सीधे उसके नियंत्रण में नहीं है। विमान नियम, 1937 के नियम 135 के तहत प्रत्येक एयरलाइन अपनी सेवाओं के लिए किराया तय करने के लिए स्वतंत्र है। टिकट की कीमत निर्धारित करते समय कंपनियां परिचालन लागत, बाजार की मांग, उपलब्ध सीटों और व्यावसायिक आवश्यकताओं जैसे विभिन्न पहलुओं पर विचार करती हैं। इसलिए अलग-अलग समय और रूट पर किरायों में अंतर देखा जा सकता है।
यात्रियों को बढ़े खर्च के लिए रहना होगा तैयार
औसत किराए में 20.5 प्रतिशत की वृद्धि का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से घरेलू उड़ानों का उपयोग करते हैं। हालांकि सरकार ने उन 72 रूटों की सूची सार्वजनिक नहीं की है, जिन पर यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। जानकारों का मानना है कि छुट्टियों, त्योहारों या अधिक मांग वाले समय में टिकट की कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए पहले से यात्रा की योजना बनाना और समय रहते टिकट बुक करना अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है।