Vandalism – सीवान में प्रतिमाओं से छेड़छाड़, बढ़ी सामाजिक तनाव की आशंका
Vandalism – बिहार के सीवान जिले में हाल ही में सामने आई दो घटनाओं ने स्थानीय माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ की गई छेड़छाड़ ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है और प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है। इन घटनाओं को लेकर क्षेत्र में चर्चा के साथ-साथ आक्रोश भी देखा जा रहा है, हालांकि प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा को नुकसान
मंगलवार देर रात शहर के गोपालगंज मोड़ स्थित चंद्रशेखर चौक पर कुछ अज्ञात लोगों ने पूर्व छात्र नेता चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब इस प्रतिमा को निशाना बनाया गया है, इससे पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है। चंद्रशेखर प्रसाद, जिन्हें चंदू के नाम से भी जाना जाता था, सामाजिक न्याय और बराबरी की आवाज के रूप में पहचाने जाते रहे हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना को उनके विचारों के प्रति अनादर के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच और घेराबंदी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की गई है।
गांधी प्रतिमा के साथ भी हुई अभद्रता
इस घटना से एक दिन पहले शहर के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ भी अनुचित व्यवहार की खबर सामने आई थी। कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतिमा पर गुटखा थूक दिया, जिसे स्थानीय लोगों ने बेहद आपत्तिजनक बताया। राष्ट्रपिता के प्रतीक के साथ इस तरह की हरकत ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और क्षेत्र में असंतोष बढ़ा।
सामाजिक सौहार्द पर असर की चिंता
लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने सामाजिक सौहार्द को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की हरकतें जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से की जा रही हैं। एक ओर चंद्रशेखर प्रसाद जैसे सामाजिक कार्यकर्ता के प्रतीक को नुकसान पहुंचाना, तो दूसरी ओर महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता की प्रतिमा के साथ अभद्रता करना, दोनों घटनाएं समाज में विभाजन की आशंका को बढ़ाती हैं।
लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे सामाजिक शांति प्रभावित होती है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।