बिहार

RajyaSabhaVoting – राज्यसभा चुनाव के बीच चार विधायक संपर्क से बाहर

RajyaSabhaVoting – बिहार विधानसभा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सोमवार को मतदान होना है, लेकिन इससे पहले राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पांच सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में महागठबंधन और एनडीए दोनों ही पक्ष पांचवीं सीट पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसी बीच चार विधायकों के अचानक संपर्क से बाहर होने की खबर ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। इनमें कांग्रेस के तीन विधायक और राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक शामिल बताए जा रहे हैं। इनसे संपर्क नहीं हो पाने के कारण सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मतदान से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में मतदान होना है और सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे समय में चार विधायकों के अचानक उपलब्ध नहीं होने की खबर सामने आने से राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार जिन विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है उनमें फारबिसगंज, मनिहारी, वाल्मीकिनगर और ढाका विधानसभा क्षेत्रों के विधायक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन विधायकों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं और वे मतदान के लिए अभी तक विधानसभा नहीं पहुंचे हैं।

एनडीए के दावों के बीच बढ़ी चर्चा

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं, क्योंकि एनडीए के कुछ नेताओं ने पहले ही दावा किया था कि विपक्ष के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं। ऐसे में चार विधायकों के अचानक संपर्क से बाहर होने को लेकर कई तरह की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।

हालांकि किसी भी दल की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक दलों के नेता फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मतदान से पहले अपने-अपने विधायकों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

फोन बंद होने से बढ़ी चिंता

बताया जा रहा है कि फारबिसगंज से विधायक मनोज बिश्वास से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। इसी तरह वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह के फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के विधायकों को एक होटल में ठहराया गया था, लेकिन सोमवार सुबह तक ये तीनों विधायक वहां नहीं पहुंचे थे। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के विधायक फैसल रहमान भी अब तक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। इस स्थिति ने महागठबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

कांग्रेस की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

चार विधायकों के संपर्क से बाहर होने के मामले में कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि यह केवल संयोग हो सकता है, जबकि कुछ विश्लेषक इसे राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि वास्तविक स्थिति मतदान प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट हो पाएगी।

मनोज बिश्वास का राजनीतिक सफर

फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनोज बिश्वास का राजनीतिक सफर भी काफी चर्चा में रहा है। वह 2009 से सक्रिय राजनीति में हैं और अपने राजनीतिक जीवन में अलग-अलग दलों से जुड़े रहे हैं।

शुरुआत में उनका संबंध जनता दल यूनाइटेड से रहा। वर्ष 2010 में वह जदयू के प्रखंड युवा अध्यक्ष बने और बाद में पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2017-18 के दौरान वह जदयू के प्रदेश स्तर पर अतिपिछड़ा वर्ग से जुड़े पद पर भी रहे।

इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का रुख किया और वहां संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की और विधानसभा चुनाव में फारबिसगंज सीट से उम्मीदवार बने। इस चुनाव में उन्हें 221 मतों के अंतर से जीत मिली और वह पहली बार विधायक चुने गए।

मतदान के बाद साफ होंगे समीकरण

राज्यसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। खास तौर पर पांचवीं सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

ऐसे में जिन विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनकी उपस्थिति मतदान के दौरान महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि विधानसभा में संख्या बल का समीकरण किस पक्ष के पक्ष में जाता है।

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