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Bihar News: बिहार में दूध क्रांति की नई शुरुआत: अलग डेयरी विभाग और आवारा पशुओं के लिए बड़ा प्लान

Bihar News: बिहार सरकार जल्द ही पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में अलग से एक डेयरी विभाग बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजा जाएगा। साथ ही अगले दो सालों में बिहार का दूध उत्पादन दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सड़कों पर भटकने वाले लावारिश पशुओं को प्रखंड स्तर पर आश्रय देने की व्यवस्था शुरू होगी। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में ये सभी घोषणाएं हुईं।

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अलग डेयरी विभाग बनाने की योजना

उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिहार में डेयरी को अलग विभाग का दर्जा देने का प्रस्ताव तैयार है। इसका मकसद दुग्ध उत्पादन को व्यवस्थित और तेज गति से बढ़ाना है। अभी पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अंतर्गत काम होता है, लेकिन अलग विभाग बनने से नीतियां तेजी से लागू होंगी और बजट का अलग से प्रावधान होगा। इससे dairy farming और milk processing में निवेश बढ़ेगा।

दो साल में दूध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य

बिहार में पिछले कुछ सालों में milk production तीन गुना हो चुका है। अब सरकार ने अगले दो वर्षों में इसे दोगुना करने का टारगेट रखा है। इसके लिए नस्ल सुधार, चारा उपलब्धता, पशु चिकित्सा सेवाएं और कोल्ड चेन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। किसानों को बेहतर breed के पशु उपलब्ध कराने की योजना भी चल रही है। इससे न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ेगी बल्कि गुणवत्ता भी सुधरेगी।

सुधा ब्रांड अब विदेशों तक पहुंचा

बिहार का प्रसिद्ध ब्रांड Sudha Dairy अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सुधा के उत्पाद अब foreign markets तक जा रहे हैं। सभी मिल्क यूनियन को ब्लॉक स्तर तक विस्तार दिया जाएगा और पंचायतों से सीधा कनेक्शन जोड़ा जाएगा। इससे गांव-गांव तक fresh milk collection आसान होगा और किसानों को तुरंत भुगतान मिलेगा।

आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी हल

सड़कों पर घूमते stray cattle बिहार के लिए बड़ी समस्या रहे हैं। फसलों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाएं आम बात हो गई थीं। अब सरकार प्रखंड स्तर पर gaushala और cattle shelter बनाने जा रही है। इनमें लावारिश गाय, भैंस और बैल रखे जाएंगे। इनकी देखभाल और चारे की व्यवस्था भी सरकार करेगी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और सड़कें सुरक्षित होंगी।

दुग्ध उत्पादन से किसानों की आय में जबरदस्त इजाफा

पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि आज dairy industry एक बड़ा उद्योग बन चुका है। इससे पशुपालक किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ी है। विकास आयुक्त डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि milk production अब किसानों की आय दोगुना-तिगुना करने का सबसे मजबूत जरिया है। विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने भी यही बात दोहराई कि पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिए rural economy को मजबूती मिल रही है।

महिलाओं और समितियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में मिथिला मिल्क यूनियन की सलकाही महिला समिति की सदस्य ज्योति कुमारी सिन्हा को सम्मानित किया गया, जो रोजाना 215 लीटर दूध सप्लाई करती हैं। इसके अलावा बेहतरीन Dairy Cooperative Societies और श्रेष्ठ पुरुष दुग्ध उत्पादकों को भी पुरस्कृत किया गया। इससे साफ है कि सरकार women empowerment और cooperative movement को बढ़ावा दे रही है।

बिहार अब सचमुच दुग्ध क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अलग डेयरी विभाग, दोगुना उत्पादन लक्ष्य, सुधा का वैश्विक विस्तार और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान – ये सारे कदम मिलकर राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे। आने वाले दिनों में बिहार न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

 

 

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