बिहार

JDULeadership – जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया घोषित

JDULeadership – बिहार की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। राज्यसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 22 मार्च को दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 24 मार्च तक नामांकन वापस लेने का समय निर्धारित किया गया है। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं तो 27 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। हालांकि पार्टी से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस पद पर एक बार फिर नीतीश कुमार ही चुने जा सकते हैं।

चुनाव प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा

जदयू की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद नाम वापस लेने की समयसीमा तय की गई है।

अगर अंतिम रूप से केवल एक उम्मीदवार रह जाता है तो उसे निर्विरोध चुना जा सकता है। लेकिन यदि एक से अधिक दावेदार सामने आते हैं तो पार्टी के भीतर मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस चुनाव के लिए सभी संगठनात्मक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पहले दिसंबर में होना था चुनाव

जानकारी के अनुसार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव मूल रूप से दिसंबर 2025 में होना तय था। हालांकि उस समय बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के कारण संगठनात्मक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।

बाद में पार्टी के भीतर यह तय किया गया कि नेतृत्व का चुनाव जल्द कराया जाए, ताकि आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में संगठनात्मक स्पष्टता बनी रहे।

राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बढ़ी चर्चा

हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का निर्णय घोषित किया था। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या वह धीरे-धीरे राज्य की सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री ने स्वयं इन अटकलों को खारिज करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया था कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे। उन्होंने कहा था कि पार्टी और संगठन से उनका जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा और वह आगे भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

नेताओं ने भी जताया समर्थन

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राज्यसभा जाने का फैसला मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत निर्णय है।

दोनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की भूमिका पहले की तरह महत्वपूर्ण बनी रहेगी। उनका कहना था कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनके नेतृत्व में ही आगे काम करना चाहते हैं।

पार्टी के भीतर समर्थन का माहौल

जदयू के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार संगठन के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश कुमार ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें। उनका मानना है कि लंबे समय से पार्टी को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इसी वजह से संगठन में व्यापक रूप से यह धारणा है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी उनके हाथों में ही बनी रहनी चाहिए। अगर चुनाव में कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आता तो संभावना है कि उन्हें फिर से निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया जाए।

राजनीतिक दृष्टि से अहम फैसला

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में आने वाले समय में कई बड़े फैसले और चुनावी रणनीतियां तय की जानी हैं।

ऐसे में पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट होना संगठनात्मक दृष्टि से जरूरी माना जा रहा है। यही कारण है कि पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.