JailRaid – बिहार के कई मंडल काराओं में एक साथ सघन छापेमारी अभियान
JailRaid – बिहार के विभिन्न जिलों में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाया है। इसी क्रम में दरभंगा, सहरसा और हाजीपुर सहित कई मंडल काराओं में अचानक छापेमारी कर हालात का जायजा लिया गया। देर रात से लेकर सुबह तक चली इस कार्रवाई ने जेल परिसरों में हलचल बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

दरभंगा मंडल कारा में आधी रात को बड़ी कार्रवाई
दरभंगा में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे प्रशासनिक टीम अचानक मंडल कारा पहुंची। जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिकारी और पुलिस बल जेल परिसर में दाखिल हुए। करीब दो से तीन घंटे तक चली इस जांच के दौरान हर वार्ड और बैरक की बारीकी से तलाशी ली गई। इस दौरान सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की गई, हालांकि किसी भी कैदी के पास से आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। जेल अधीक्षक स्नेहलता ने भी पुष्टि की कि जांच के दौरान कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
हालिया घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। खासतौर पर उन मामलों ने चिंता बढ़ाई है, जिनमें जेल के अंदर से अपराध की साजिश रचे जाने की बात सामने आई थी। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने जेलों की नियमित और अचानक जांच पर जोर दिया है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके।
सहरसा में देर रात औचक निरीक्षण
सहरसा मंडल कारा में भी गुरुवार देर रात जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु के नेतृत्व में पहुंचे अधिकारियों ने जेल के हर हिस्से का निरीक्षण किया। इस दौरान बैरकों, वार्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका मकसद सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना है। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं तो मौजूद नहीं हैं।
हाजीपुर जेल में सुबह-सुबह छापामारी
वैशाली जिले के हाजीपुर मंडल कारा में सुबह के समय की गई छापेमारी ने भी जेल प्रशासन को सतर्क कर दिया। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम जब जेल पहुंची, उस समय अधिकांश बंदी विश्राम कर रहे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। महिला और पुरुष दोनों वार्डों में तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।
जांच में नहीं मिला कोई आपत्तिजनक सामान
हाजीपुर में भी विस्तृत जांच के बावजूद किसी तरह की प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने जेल के भीतर की निगरानी प्रणाली, कैदियों की गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। प्रारंभिक तौर पर सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, लेकिन अधिकारियों ने और सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक न हो।
राज्यभर में चल रहा है विशेष अभियान
दरअसल, यह कार्रवाई किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी गया, सीतामढ़ी, नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में इसी तरह के सघन जांच अभियान चलाए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जेल के भीतर से किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि संचालित न हो सके। लगातार हो रही इन छापेमारियों से यह संकेत दिया जा रहा है कि सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



