बिहार

DisproportionateAssets – अधीक्षण अभियंता के कई ठिकानों पर ईओयू ने की छापेमारी

DisproportionateAssets – बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भवन निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। जांच के तहत मंगलवार को पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली स्थित कई परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई विशेष न्यायालय से प्राप्त अनुमति के आधार पर की गई।

अधिकारियों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद विस्तृत जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, जांच के केंद्र में भवन निर्माण विभाग में कार्यरत अधीक्षण अभियंता पवन कुमार हैं। वह वर्तमान में पटना स्थित भवन निर्माण अंचल-1 में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे विभाग की एक निरीक्षण इकाई में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

जांच एजेंसी ने उनके वित्तीय दस्तावेजों और संपत्ति संबंधी विवरणों का सत्यापन किया, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

आय से अधिक संपत्ति का आरोप

ईओयू का कहना है कि प्रारंभिक सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी की संपत्ति उनकी ज्ञात आय की तुलना में काफी अधिक है। जांच एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद आय और संपत्ति के बीच उल्लेखनीय अंतर सामने आया।

इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया और भ्रष्टाचार निवारण कानून के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

कई शहरों में एक साथ कार्रवाई

तलाशी अभियान के तहत विभिन्न शहरों में स्थित आवासीय और कार्यालय परिसरों की जांच की जा रही है। पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली में मौजूद संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है। टीमों को विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

विशेष न्यायालय से मिली अनुमति

जांच एजेंसी ने कार्रवाई से पहले विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सभी कदम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप उठाए जाते हैं ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

तलाशी अभियान आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। विभिन्न टीमों का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

जांच एजेंसी का उद्देश्य संपत्तियों, बैंकिंग लेनदेन और निवेश से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करना है। इसके लिए उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान भी किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद आएगी विस्तृत जानकारी

ईओयू ने स्पष्ट किया है कि तलाशी अभियान अभी जारी है और इस दौरान एकत्र किए जा रहे दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद बरामद सामग्री, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी। फिलहाल एजेंसी सभी पहलुओं की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।

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