Crime Investigation Update 2026: ‘खाना तैयार रखो’ कहकर निकला पति, अजनबी ने फोन पर सुनाई मौत की ऐसी खबर कि उजड़ गया सुहाग…
Crime Investigation Update 2026: पूर्णिया की धरती पर रविवार की वह सुबह खुशियों की उम्मीद लेकर आई थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह एक परिवार की आखिरी सुबह साबित होगी। 31 वर्षीय रब्बान अपनी पत्नी से एक प्यारा वादा करके घर से निकला था कि वह जल्द लौटेगा और उसे मायके घुमाने ले जाएगा। इस (tragic emotional backstory) के बीच रब्बान ने हंसते हुए घर की दहलीज पार की थी। पत्नी साबुत्ता परवीन ने पति की पसंद का खाना बनाया और उसके आने का इंतजार करने लगी, मगर रब्बान का इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ और खुशियों वाला घर चीख-पुकार में बदल गया।

प्रदेश की मेहनत और चंद दिनों की खुशियां
रब्बान उन हजारों युवाओं में से एक था जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में रहकर रंग-पेंट का काम करता था। वह महज पांच दिन पहले ही अपने गांव सेहलो लौटा था और पूरे घर में उसके आने की रौनक छाई हुई थी। (migrant worker homecoming) का वह सुखद एहसास अभी परिजनों ने ठीक से महसूस भी नहीं किया था कि नियति ने अपना क्रूर खेल खेल दिया। उसकी पत्नी ने बताया कि वह सुबह 7 बजे बहुत खुश था और अपनी पत्नी को उसके ‘नेहरा’ (मायके) ले जाने की योजना बना चुका था।
अजनबी की आवाज और कलेजा चीर देने वाली खबर
जब खाना तैयार हो गया और रब्बान दो घंटे तक वापस नहीं लौटा, तो पत्नी ने घबराकर उसके मोबाइल पर कॉल किया। उम्मीद थी कि पति फोन उठाएगा और कहेगा कि बस रास्ते में हूं, लेकिन फोन किसी अजनबी ने उठाया। उस (mysterious phone call) ने साबुत्ता की दुनिया ही उजाड़ दी, जब अजनबी ने बताया कि उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई है और उनका शव पूर्णिया जीएमसीएच में रखा है। एक झटके में उस महिला का सुहाग उजड़ गया और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
अस्पताल का मंजर और सुध-बुध खोती बेबस पत्नी
पूर्णिया जीएमसीएच पहुंचते ही परिजनों के सामने रब्बान का निर्जीव शरीर पड़ा था। साबुत्ता परवीन अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए अस्पताल के फर्श पर ही सुध-बुध खो बैठी। उसकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे और वह बार-बार पति के उन्हीं आखिरी शब्दों को याद कर रही थी। इस (heartbreaking hospital scene) को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों को तो शायद यह भी एहसास नहीं है कि जिस पिता के साथ वे अभी खेल रहे थे, वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
सिर पर जख्म के निशान और हत्या की आशंका
परिजनों ने जब रब्बान के शव को करीब से देखा, तो उनकी चीखें और बढ़ गईं। मृतक के सिर पर गहरे और संदिग्ध जख्म के निशान पाए गए हैं, जो सामान्य सड़क हादसे की कहानी पर सवाल खड़े करते हैं। पत्नी और अन्य रिश्तेदारों का सीधा आरोप है कि (murder suspicion in Purnia) के इस मामले को दबाने के लिए इसे एक्सीडेंट का रंग दिया जा रहा है। उनका कहना है कि रब्बान की हत्या की गई है और सोची-समझी साजिश के तहत उसे सड़क दुर्घटना घोषित करने की नाकाम कोशिश हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही अमौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके। (forensic medical examination) की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक इत्तेफाक था या फिर किसी ने रब्बान की जान ली है। फिलहाल पुलिस ने इलाके के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और उस अजनबी की तलाश भी की जा रही है जिसने फोन उठाया था।
बेसहारा हुए बच्चे और सिस्टम से इंसाफ की गुहार
रब्बान अपने पीछे तीन छोटे बच्चों और विधवा पत्नी को छोड़ गया है, जिनके सामने अब आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। यह (justice for victim family) की लड़ाई अब तेज होती दिख रही है क्योंकि गांव के लोग भी रब्बान की संदिग्ध मौत से डरे हुए हैं। पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वह जल्द से जल्द सच सामने लाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।