BiharPolitics – विधान परिषद सीटों को लेकर एनडीए में तेज हुई चुनावी तैयारी
BiharPolitics – बिहार विधान परिषद की खाली हो रही नौ सीटों को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच एनडीए गठबंधन के भीतर तालमेल और रणनीति को लेकर भी लगातार बयान सामने आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गठबंधन को लेकर उठ रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और सभी सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

गठबंधन में मतभेद से किया इनकार
मीडिया से बातचीत के दौरान विजय कुमार चौधरी ने कहा कि एनडीए के सभी दल आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर किसी प्रकार का विवाद या असहमति नहीं है। उनके मुताबिक चुनाव को लेकर सभी सहयोगी दलों के बीच लगातार बातचीत चल रही है और सामूहिक सहमति से रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए मजबूत स्थिति में है और सभी दल मिलकर चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीटों को लेकर चर्चा होना गठबंधन राजनीति का सामान्य हिस्सा है और इसे मतभेद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मांझी की मांग के बाद बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी पार्टी के लिए विधान परिषद चुनाव में एक सीट की मांग रखी थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में खींचतान हो सकती है।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर दल को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सहयोगी दल अपनी राजनीतिक अपेक्षाएं सामने रखते हैं और यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। अंतिम निर्णय आपसी चर्चा और सहमति से लिया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम जारी
निर्वाचन आयोग की ओर से बिहार विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 1 जून से 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून तय की गई है।
मतदान 18 जून को कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा चल रही है।
राजनीतिक समीकरणों पर नजर
विधान परिषद की इन सीटों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच समीकरण साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। एनडीए के भीतर सीटों का संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ सहयोगी दलों को संतुष्ट करना भी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छोटे दलों की भूमिका इस चुनाव में अहम हो सकती है।
दूसरी ओर विपक्षी दल भी इस चुनाव को लेकर सक्रिय हो गए हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
चुनावी रणनीति पर सभी की नजर
बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे दलों की अंदरूनी एकजुटता और राजनीतिक समीकरणों का संकेत मिलता है। फिलहाल एनडीए नेतृत्व गठबंधन में संतुलन बनाए रखने और चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।