BiharEducation – बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे शिक्षा मंत्री, विपक्ष पर साधा निशाना…
BiharEducation – बिहार सरकार में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री मिथिलेश तिवारी सोमवार को मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य के छात्रों, युवाओं तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंदिर दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

मंत्री ने कहा कि बाबा गरीबनाथ मंदिर बिहार के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है और वह बचपन से यहां आते रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
तेजस्वी यादव पर बोला हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। मंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षा और आंदोलन के बीच अंतर समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है और राजनीति को केवल विरोध तक सीमित नहीं होना चाहिए। मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार शिक्षा सुधार और युवाओं के विकास को लेकर गंभीरता से काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी में लगा हुआ है।
छात्रों को राजनीति से सतर्क रहने की सलाह
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों से अपील की कि वे केवल राजनीतिक उद्देश्य से किए जा रहे आंदोलनों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छात्र हितों के नाम पर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश करते हैं।
मंत्री का कहना था कि सरकार छात्रों की समस्याओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने युवाओं से अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, सरकार आने वाले समय में शिक्षा और भर्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लेने की तैयारी कर रही है।
टीआरई-4 अभ्यर्थियों को जल्द मिल सकती है राहत
शिक्षक भर्ती से जुड़े टीआरई-4 अभ्यर्थियों के मुद्दे पर भी शिक्षा मंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपनी तैयारी जारी रखें क्योंकि सरकार जल्द सकारात्मक घोषणा कर सकती है। हालांकि उन्होंने किसी निश्चित तारीख या योजना का खुलासा नहीं किया।
मंत्री ने संकेत दिए कि सरकार युवाओं के हित में ऐसे कदम उठाने पर काम कर रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। पिछले कुछ समय से शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।
गबन के आरोपों पर दी सफाई
विपक्ष की ओर से लगाए गए गबन के आरोपों को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक मकसद से लगाए जा रहे हैं। मंत्री का कहना है कि उनकी छवि खराब करने के लिए पुराने मामलों को दोबारा उठाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। मंत्री के अनुसार, उनके वकीलों की ओर से कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और आगे भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा और राजनीति दोनों पर बनी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे लगातार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। शिक्षक भर्ती, छात्र आंदोलन और शिक्षा सुधार से जुड़े विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है।
मिथिलेश तिवारी के ताजा बयान को भी इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में शिक्षा विभाग की घोषणाओं और भर्ती प्रक्रियाओं पर छात्रों और राजनीतिक दलों की नजर बनी रहने की संभावना है।