Bihar Cabinet Decisions January 2026: नए साल की पहली बैठक में हुई नौकरियों की बौछार, सीएम ने खोल दिया सौगातों का पिटारा
Bihar Cabinet Decisions January 2026: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को साल 2026 की पहली मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास की गति को तेज करने के लिए (Governance and Policy Implementation) पर जोर देते हुए कुल 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी स्वीकृति दे दी। इस बैठक को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें कृषि, शिक्षा और जल संसाधन जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुधार के लिए कड़े फैसले लिए गए हैं। नीतीश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस साल उनका पूरा ध्यान प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और जनहितकारी योजनाओं पर रहेगा।

बेरोजगारों के लिए खुशखबरी: नए पदों के सृजन को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए साल के मौके पर राज्य की जनता और युवाओं को सबसे बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। विशेष रूप से (Employment Opportunities in Bihar) को बढ़ावा देने के लिए कृषि, जल संसाधन विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, शिक्षा और विधि विभाग में कई नए पद सृजित किए जाएंगे। इन भर्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकारी विभागों के कामकाज में भी अधिक तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास: गया में 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन को हरी झंडी
बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में गया में प्रस्तावित ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर’ (IMC) परियोजना के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। इस क्लस्टर को निर्बाध और उच्च गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए (Industrial Power Infrastructure Development) के तहत 220 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस पूरी योजना पर राज्य सरकार लगभग 33.29 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह कदम गया क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर विनिर्माण इकाइयों को मजबूती देने के लिए उठाया गया है।
दरभंगा एयरपोर्ट का कायाकल्प: लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब
उत्तर बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने इसके लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को (Land Acquisition for Logistics Hub) के तहत प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 138.82 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि तय की गई है। कार्गो हब बनने से मिथिलांचल के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाएगी।
जेलों की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों का आधुनिक जाल
राज्य की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए नीतीश कैबिनेट ने एक बड़े बजट को मंजूरी दी है। बिहार की 53 काराओं में 9,073 नए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस (Prison Surveillance System Upgrade) परियोजना और 8 पुरानी जेलों के सिस्टम एकीकरण पर लगभग 155 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बगहा में नए राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के संचालन हेतु 106 नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।
अधिवक्ताओं का कल्याण और विधि विभाग में प्रशासनिक सुधार
न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने और अधिवक्ताओं के हित में भी कैबिनेट ने उदारता दिखाई है। बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए 30 करोड़ रुपये का अग्रिम देने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, (Legal Department Restructuring Bihar) के तहत पटना उच्च न्यायालय में चार नए विधि सहायकों के पद सृजित किए गए हैं और 45 विधि लिपिकों का पदनाम बदलकर उन्हें ‘विधि सहायक’ की नई पहचान दी गई है। पटना हाईकोर्ट के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कोर्ट मैनेजर के पदों की स्वीकृति भी इस बैठक का मुख्य हिस्सा रही।
सात निश्चय-3.0 की निगरानी और शहरों का पुनर्विकास
नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सात निश्चय-3.0’ के कार्यक्रमों की कड़ी निगरानी का दायित्व अब ‘बिहार विकास मिशन’ को सौंपा गया है। इसके अलावा, राजधानी पटना के राजवंशीनगर और शास्त्रीनगर इलाकों के पुनर्विकास के लिए (Urban Master Plan Development) तैयार करने हेतु परामर्शी शुल्क को भी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करना है। सात निश्चय-3.0 का मुख्य ध्येय ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ रखा गया है, जिस पर सरकार अब मिशन मोड में काम कर रही है।
16 जनवरी से शुरू होगी नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’
कैबिनेट के फैसलों के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी आगामी ‘समृद्धि यात्रा’ का खाका भी तैयार कर लिया है। 16 जनवरी से शुरू होने वाली यह यात्रा चार चरणों में पूरी होगी, जिसका उद्देश्य (Chief Minister Outreach Program) के जरिए जनता से सीधे जुड़ना और योजनाओं की हकीकत जानना है। पहले चरण में मुख्यमंत्री पश्चिमी चंपारण से शुरुआत करेंगे और फिर पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली का दौरा करेंगे। यह यात्रा बिहार की राजनीति और विकास की समीक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।