राष्ट्रीय

NaxalSurrender – छत्तीसगढ़ में 106 नक्सलियों ने डाले हथियार, करोड़ों का इनाम था घोषित

NaxalSurrender – देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण की खबर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 106 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए हैं। इन पर मिलाकर लगभग 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे सदस्य भी शामिल हैं जो संगठन में अलग-अलग स्तर की जिम्मेदारियों पर सक्रिय थे। बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के मुख्यधारा में लौटने को सुरक्षा एजेंसियां महत्वपूर्ण मान रही हैं।

बीजापुर में विभिन्न रैंक के 37 नक्सलियों ने छोड़ा संगठन

बीजापुर जिले में सबसे अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। यहां कुल 37 माओवादी संगठन छोड़कर प्रशासन के सामने आए। इनमें दो सदस्य डीवीसीएम रैंक के बताए गए हैं, जबकि पीपीसीएम स्तर के चार नक्सली भी शामिल हैं। इसके अलावा एसीएम रैंक के नौ और पीएम स्तर के 22 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी पर कुल मिलाकर 1.06 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों का कहना है कि बीजापुर में लगातार चल रहे अभियान और विकास कार्यों के कारण कई नक्सली अब संगठन से दूरी बना रहे हैं।

नारायणपुर जिले में भी नक्सलियों ने हथियार डाले

नारायणपुर जिले में भी कुछ सक्रिय माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। यहां एक डीवीसीएम रैंक का नक्सली, एक सीवाईपीसीएम और एक पीपीसीएम स्तर का सदस्य संगठन छोड़कर सामने आया। इसके अलावा पीएम रैंक के दो अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे संपर्क कार्यक्रम और आत्मसमर्पण नीति के कारण संगठन के कई सदस्य अब मुख्यधारा में लौटने का विकल्प चुन रहे हैं।

बस्तर संभाग में भी कई सक्रिय सदस्य सामने आए

बस्तर क्षेत्र में भी माओवादी संगठन से जुड़े कई सदस्यों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया है। यहां कुल 16 नक्सली संगठन छोड़कर सामने आए। इनमें एक डीवीसीएम रैंक का सदस्य, पांच पीपीसीएम स्तर के, तीन एसीएम और सात पीएम रैंक के नक्सली शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन सभी पर कुल 99 लाख रुपये का इनाम घोषित था। बस्तर लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र रहा है, इसलिए यहां इस तरह के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां सकारात्मक संकेत मान रही हैं।

कांकेर में तीन नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

कांकेर जिले में भी कुछ माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। यहां एक डीवीसीएम रैंक का नक्सली और एसीएम व पीएम स्तर के एक-एक सदस्य ने संगठन से अलग होने का फैसला किया। इन तीनों पर मिलाकर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे सुरक्षा अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सलियों के बीच आत्मसमर्पण की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

सुकमा और दंतेवाड़ा में भी बड़ी संख्या में सरेंडर

सुकमा जिले में भी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। यहां सीवाईपीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम स्तर के छह, एसीएम रैंक के पांच और पीएम स्तर के 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
दंतेवाड़ा जिले में भी 30 नक्सलियों ने संगठन छोड़ने का फैसला किया। इनमें एक डीवीसीएम रैंक का सदस्य, दो पीपीसीएम स्तर के, पांच एसीएम और 22 पीएम रैंक के नक्सली शामिल हैं। इन पर कुल 69 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जारी है सुरक्षा अभियान

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत संगठन छोड़ने वाले लोगों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है। हाल के महीनों में बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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