उत्तर प्रदेश

RuralTransport – यूपी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को दी मंजूरी

RuralTransport – उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत राज्य के उन गांवों को सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ा जाएगा, जहां अब तक नियमित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को जिला मुख्यालयों और शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कामों के लिए लोगों को आसानी से यात्रा सुविधा मिल सके।

दूरदराज गांवों तक बस सेवा पहुंचाने की योजना

परिवहन विभाग के अनुसार योजना के पहले चरण में लगभग 12,200 गांवों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इन गांवों में रहने वाले लोगों को अब नियमित रूप से शहरों और जिला मुख्यालयों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।

सरकार इन रूटों पर विशेष रूप से 28 सीटों वाली छोटी और मध्यम आकार की बसें चलाने की योजना बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि छोटे आकार की बसें इसलिए चुनी गई हैं ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों की संकरी सड़कों और छोटे मार्गों पर आसानी से संचालित की जा सकें। इससे उन इलाकों में भी बस सेवा संभव हो सकेगी जहां बड़ी बसों का संचालन कठिन होता है।

छात्रों, किसानों और मरीजों को होगा लाभ

इस योजना से ग्रामीण आबादी के कई वर्गों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर छात्रों को पढ़ाई के लिए शहर या कस्बों तक पहुंचने में आसानी होगी। अभी कई गांवों में विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

इसके अलावा किसान अपनी उपज को बाजार या मंडियों तक ले जाने में आसानी महसूस करेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ग्रामीण इलाकों से मरीजों को समय पर जिला अस्पताल या बड़े चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना पहले से अधिक सरल हो सकेगा।

बस संचालन के लिए तय किया गया समय

योजना के तहत बसों का संचालन एक निश्चित समय-सारिणी के आधार पर किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को नियमित सेवा मिल सके। इसके अनुसार बसें रात के समय संबंधित गांवों में ही रुकेंगी। इससे सुबह जल्दी यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिल सकेगी।

सुबह के समय बसें गांवों से निकलकर जिला मुख्यालय या प्रमुख कस्बों तक जाएंगी। इसके बाद शाम के समय वापस शहरों से यात्रियों को लेकर गांवों की ओर लौटेंगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक चयनित गांव में बस कम से कम दो बार आना-जाना करेगी, ताकि लोगों को दिन में पर्याप्त परिवहन विकल्प मिल सके।

टैक्स और परमिट से मिलेगी राहत

योजना को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बस संचालन से जुड़े कुछ नियमों में भी छूट दी है। इन बसों को रोड टैक्स से मुक्त रखा जाएगा और संचालन के लिए विशेष अनुमति प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

किराया निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति दूरी, स्थानीय परिस्थितियों और यात्रियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया तय करेगी, ताकि सेवा सस्ती और सुलभ बनी रहे।

एग्रीगेटर सेवाओं के लिए नए नियम

राज्य सरकार ने परिवहन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए भी नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को अब राज्य परिवहन विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को आवेदन शुल्क और लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। इसके साथ ही निर्धारित अवधि के बाद लाइसेंस का नवीनीकरण भी आवश्यक होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण परिवहन योजना और नई एग्रीगेटर नीति मिलकर राज्य में परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाएंगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा और लोगों की दैनिक आवाजाही पहले से अधिक आसान हो सकेगी।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.