IranConflict – ट्रंप के युद्ध खत्म होने के दावे पर ईरान का सख्त जवाब
IranConflict – पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हालिया सैन्य टकराव लगभग समाप्ति की ओर है, वहीं ईरान की ओर से दिए गए ताजा बयान से संकेत मिलता है कि स्थिति अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। ईरान की सेना के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा है कि उनके सशस्त्र बल क्षेत्र में तैनात हैं और आगे की स्थिति पर निर्णय ईरान के हाथ में है।

ईरानी सेना का बयान
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता मेजर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने मंगलवार को बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सैन्य बल हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
नैनी के मुताबिक ईरान की सेना इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े और विमानवाहक पोत जेराल्ड आर फोर्ड की संभावित गतिविधियों के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में आगे की दिशा तय करने का निर्णय ईरान के पास है।
अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को लेकर दावे
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी सैन्य तैनाती को लेकर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि अमेरिकी जहाज और लड़ाकू विमान क्षेत्र से दूर तैनात हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को देखते हुए अमेरिकी सैन्य बल अपेक्षाकृत सुरक्षित दूरी बनाए हुए हैं।
हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार मध्य पूर्व क्षेत्र में दो विमानवाहक स्ट्राइक समूह मौजूद हैं। इनमें यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर क्षेत्र में तैनात है, जबकि यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड स्वेज नहर पार करने के बाद लाल सागर में मौजूद बताया गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
ईरान की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि उस पर हमले जारी रहते हैं तो क्षेत्र से तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि इस समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है।
ट्रंप ने दी थी चेतावनी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि किसी भी जहाज पर हमला करने की कोशिश की गई तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में तेल टैंकरों और अन्य जहाजों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा सकती है। उनके बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
युद्ध लगभग समाप्त होने का दावा
मंगलवार को फ्लोरिडा के डोराल में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनके अनुसार अमेरिका निर्धारित रणनीतिक लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि फरवरी के अंत से शुरू हुए सैन्य अभियान के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ट्रंप के अनुसार इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्र में लंबे समय से बने खतरे को कम करना था।
हालांकि ईरान की ओर से दिए गए हालिया बयानों से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी।



