SanjuSamson – इस खिलाड़ी ने लगातार दो अहम पारियों से टीम इंडिया की जीत में निभाई बड़ी भूमिका
SanjuSamson – हाल के मुकाबलों में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। लगातार दो अहम मैचों में उनकी दमदार पारियों ने टीम इंडिया की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में सैमसन ने लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 97 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने 89 रनों की उपयोगी पारी खेली। इन दोनों मैचों में उनकी बल्लेबाजी ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में मदद की।

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि सैमसन की इन पारियों ने न केवल मैच का रुख बदला बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूत किया। खास बात यह रही कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह नियमित प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे, लेकिन मौका मिलने पर उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का भरोसा जीत लिया।
अहम मुकाबलों में दिखाई जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। लक्ष्य आसान नहीं था और शुरुआती विकेट गिरने के बाद दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में सैमसन ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखते हुए शानदार बल्लेबाजी की।
उन्होंने न केवल तेजी से रन बनाए बल्कि अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को जीत की राह पर भी पहुंचाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उनका प्रदर्शन लगभग वैसा ही रहा। उन्होंने 89 रनों की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और जीत की नींव रखी।
शोएब अख्तर ने कोच गौतम गंभीर को दिया श्रेय
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी संजू सैमसन के प्रदर्शन की सराहना की है। एक टेलीविजन कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सैमसन को टीम में अवसर दिलाने में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की भूमिका अहम रही है।
अख्तर के अनुसार सैमसन लंबे समय से भारतीय क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और उनके प्रतिभा की चर्चा पहले भी होती रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में टीम में पहले से मौजूद अनुभवी विकेटकीपरों के कारण उन्हें नियमित अवसर नहीं मिल पाए। लेकिन अब जब उन्हें मौका मिला है, तो उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है।
लंबे इंतजार के बाद मिला बड़ा मौका
संजू सैमसन पिछले कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट प्रणाली का हिस्सा रहे हैं। प्रतिभाशाली बल्लेबाज होने के बावजूद उन्हें लगातार टीम में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। टीम में पहले से मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों के कारण उनके अवसर सीमित रहे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मिले अवसर को सैमसन ने पूरी तरह भुनाया है। उनकी आक्रामक शैली और दबाव में भी शांत रहने की क्षमता ने टीम के लिए कई महत्वपूर्ण स्थितियों में मदद की है।
अब फाइनल मुकाबले पर सबकी नजर
टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम का सामना फाइनल में न्यूजीलैंड से होने वाला है। यह मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा और दोनों ही टीमें जीत के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगी।
भारत के लिए यह मुकाबला खास महत्व रखता है क्योंकि टीम खिताब की रक्षा करने की कोशिश कर रही है। अगर भारतीय टीम यह मुकाबला जीतती है तो वह लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी जीतने का इतिहास बना सकती है।
रिकॉर्ड बनाने का मौका
टी20 क्रिकेट के इतिहास में अब तक कोई भी टीम लगातार दो बार विश्व कप खिताब जीतने में सफल नहीं रही है। इसके अलावा मेजबान देश के रूप में टूर्नामेंट जीतने का रिकॉर्ड भी अभी तक किसी टीम के नाम नहीं है।
ऐसे में भारतीय टीम के सामने एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड बनाने का अवसर है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या टीम इंडिया फाइनल में जीत हासिल कर नया इतिहास रच पाएगी।



