BitcoinCase – जमानत के बाद चर्चा में आई राज कुंद्रा की सार्वजनिक मौजूदगी
BitcoinCase – बिटकॉइन से जुड़े एक मामले में जमानत मिलने के बाद व्यवसायी राज कुंद्रा शुक्रवार रात सार्वजनिक रूप से नजर आए। देर शाम वह अपनी पत्नी और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी को एक कार्यक्रम से लेने पहुंचे। उनकी यह उपस्थिति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और इसके साथ ही विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।

जमानत के बाद पहली सार्वजनिक झलक
सूत्रों के अनुसार, राज कुंद्रा को शुक्रवार को अदालत से राहत मिली। उसी रात शिल्पा शेट्टी एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाहर निकलीं, जहां उन्हें लेने के लिए राज पहुंचे। वह लाल रंग की लग्जरी कार में कार्यक्रम स्थल पर दिखाई दिए। मीडिया कर्मियों ने इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।
दोनों कुछ देर के लिए कैमरों के सामने दिखे और फिर साथ में रवाना हो गए। यह दृश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया गया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद कई उपयोगकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने सवाल उठाए, तो कुछ ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं। यह पहली बार नहीं है जब राज कुंद्रा सार्वजनिक जीवन और कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रहे हों। पूर्व में एक अन्य मामले के दौरान वह मीडिया के सामने चेहरा ढककर नजर आए थे, जिसे लेकर भी काफी चर्चा हुई थी।
हालिया वीडियो के बाद कुछ यूजर्स ने उनके सार्वजनिक व्यवहार पर टिप्पणी की, जबकि अन्य ने कानूनी प्रक्रिया के पूर्ण होने तक संयम बरतने की बात कही।
क्या है बिटकॉइन से जुड़ा मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला कथित बिटकॉइन निवेश से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि एक कथित पोंजी स्कीम से जुड़े लेनदेन में राज कुंद्रा का नाम सामने आया था। एजेंसी का दावा है कि यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग से संबंधित एक प्रस्तावित परियोजना के सिलसिले में 285 बिटकॉइन का लेनदेन हुआ था।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह सौदा पूरा नहीं हो सका और संबंधित बिटकॉइन की स्थिति को लेकर जांच जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स में इन बिटकॉइन की अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। हालांकि मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
कानूनी प्रक्रिया जारी
राज कुंद्रा को इस मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन जांच और कानूनी कार्यवाही अभी जारी है। अदालत द्वारा तय शर्तों के अनुसार आगे की सुनवाई में उन्हें उपस्थित होना होगा। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से भी जांच प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई है।
फिलहाल, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के मामलों में न्यायिक निर्णय आने तक सभी पक्षों को तथ्यों और कानून के आधार पर परखा जाता है।



