Telangana Politics: तेलंगाना में फोन टैपिंग मामले पर बढ़ी राजनीतिक रार, केसीआर के घर नोटिस चिपकाने पर भड़के केटीआर
Telangana Politics: तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों फोन टैपिंग का मुद्दा गरमाया हुआ है, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को चरम पर पहुंचा दिया है। राज्य की जांच एजेंसी एसआईटी ने इस मामले की कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव को नोटिस जारी किया है। हालांकि, नोटिस देने के तरीके ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने देर रात केसीआर के आवास के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपकाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की बदले की राजनीति करार दिया है।

सरकारी कार्यप्रणाली और पुलिस के रवैये पर सवाल
केटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सीधे तौर पर संबोधित करते हुए पूछा कि राज्य के निर्माता और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है? केटीआर का कहना है कि जब केसीआर ने पहले ही अपना पूरा पता पुलिस को दे दिया था, तो ऐसी स्थिति में उनकी अनुपस्थिति में देर रात घर पहुंचना और गेट पर नोटिस चस्पा करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे प्रशासन की ओछी मानसिकता और अहंकार का प्रतीक बताया है।
कानूनी नियमों और एसओपी की अनदेखी का आरोप
विपक्ष का आरोप है कि पुलिस विभाग अपनी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है। केटीआर ने तर्क दिया कि कानून के मुताबिक, 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों से उनके निवास स्थान पर ही पूछताछ की जानी चाहिए, लेकिन पुलिस इन नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस केवल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए सरकार की कठपुतली के रूप में काम कर रही है? बीआरएस नेताओं का मानना है कि यह पूरी कवायद केवल राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है, जिसमें कानूनी मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा।
सत्य और न्याय पर भरोसे के साथ जनता की अदालत का जिक्र
आक्रामक रुख अपनाते हुए केटीआर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इन सभी मामलों का डटकर मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही कानून और सच्चाई का सम्मान न करे, लेकिन बीआरएस को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की हर ‘दादागिरी’ और गैर-कानूनी कदम का पर्दाफाश जनता के सामने किया जाएगा। केटीआर के अनुसार, तेलंगाना के लोग वर्तमान सरकार के रवैये को देख रहे हैं और आने वाले समय में वे लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे। यह बयान स्पष्ट करता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़क से लेकर सदन तक गूंजने वाला है।
जांच और भविष्य की राजनीतिक दिशा
फोन टैपिंग का यह मामला अब केवल एक कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने राज्य में एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है। एक तरफ जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई तेज कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बीआरएस इसे भावनात्मक मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। जिस तरह से नोटिस की प्रक्रिया अपनाई गई, उससे सरकार की मंशा पर उठ रहे सवाल रेवंत रेड्डी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकते हैं। फिलहाल, पूरे तेलंगाना की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की इस कार्रवाई का अगला पड़ाव क्या होगा और केसीआर इस पर क्या रुख अपनाते हैं।



