Retired Railway Employee Crime: रेलकर्मी की दरिंदगी ने रूह कंपा दी, प्रेमिका के किए टुकड़े, फिर…
Retired Railway Employee Crime: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने अपनी ही प्रेमिका की न केवल कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी, बल्कि उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें लोहे के बक्से में डालकर जलाने का प्रयास किया। इस (Horrific Murder Mystery) ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसके परिवार के तीन सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

तीन शादियों और अनैतिक संबंधों का जाल
आरोपी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान (64) रेलवे का रिटायर्ड कर्मचारी है जिसकी वैवाहिक स्थिति काफी उलझी हुई थी। उसने दो शादियां की थीं, लेकिन पहली पत्नी गीता परिहार से उसका कोई खास लगाव नहीं था। वह अपनी दूसरी पत्नी गीता रायकवार के साथ रहता था, लेकिन इसी बीच उसके संबंध (Illicit Relationship Issues) 37 वर्षीय प्रीति से हो गए। प्रीति उम्र में उससे 27 साल छोटी थी और उसकी सुंदरता के मोहपाश में फंसकर राम सिंह अपनी पूरी पेंशन उस पर लुटा देता था।
ब्लैकमेलिंग और ढाई लाख की डिमांड बनी काल
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीति और राम सिंह के बीच पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया था। प्रीति ने राम सिंह पर ढाई लाख रुपये देने का दबाव बनाया था और पैसे न मिलने पर दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी थी। इस (Financial Extortion Case) से तंग आकर राम सिंह ने अपनी दूसरी पत्नी गीता रायकवार को पूरी बात बताई। गीता, जो पहले से ही प्रीति से ईर्ष्या रखती थी, उसने अपने पति के साथ मिलकर प्रीति को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
कत्ल के लिए किराए पर लिया कमरा
साजिश को अंजाम देने के लिए राम सिंह ने जनवरी महीने में सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर इलाके में एक कमरा किराए पर लिया। 8 जनवरी को जब प्रीति वहां पहुंची, तो राम सिंह ने कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर उसकी जान ले ली। इस (Planned Criminal Conspiracy) के तहत उसने शव को छिपाने के लिए पहले एक नीला ड्रम खरीदा था, लेकिन लाश फिट न होने पर वह लोहे का बड़ा बक्सा लेकर आया। उसने लाश के टुकड़े किए और बक्से के अंदर ही उन्हें जलाने की कोशिश की।
आठ दिन तक कमरे में महकती रही मौत
हैरानी की बात यह है कि हत्या करने के बाद राम सिंह विचलित नहीं हुआ। वह करीब आठ दिनों तक उन अधजले शव के टुकड़ों को कमरे के अंदर ही रखे रहा। पुलिस की (Forensic Evidence Collection) टीम को मौके से खून के धब्बे और हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद हुई है। जब कमरे में बदबू असहनीय होने लगी, तब उसने अपनी दूसरी पत्नी के बेटे नितिन को फोन कर शव को ठिकाने लगाने के लिए बुलाया।
ऑटो चालक की सतर्कता से खुला राज
नितिन अपने साथियों के साथ बक्से को एक लोडर में लादकर सैंयर गेट की ओर निकला। रास्ते में बक्से से आ रही असहनीय दुर्गंध ने ऑटो चालक के मन में शक पैदा कर दिया। चालक की (Suspicious Activity Reporting) ने इस पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया। जैसे ही चालक ने शोर मचाया, मुख्य आरोपी राम सिंह वहां से भाग निकला, लेकिन चालक ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने बक्से को खोला तो उसमें महिला के अधजले अंग और कोयला देखकर उनके भी होश उड़ गए।
मोबाइल ऑन करते ही पुलिस के रडार पर हत्यारा
वारदात के बाद एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। राम सिंह शातिर अपराधी की तरह अपना मोबाइल बंद कर अपनी बेटियों के ससुराल में छिपने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वह (Digital Surveillance Tracking) की जद में तब आ गया जब उसने पुलिस की लोकेशन जानने के लिए अपना फोन ऑन किया। पुलिस ने तत्काल टावर लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही घंटों के भीतर हत्यारे को दबोच लिया।
रेलकर्मी का पुराना आपराधिक इतिहास
राम सिंह के बारे में स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि उसका चरित्र शुरू से ही विवादास्पद रहा था। नौकरी के दौरान भी उस पर छेड़खानी के गंभीर आरोप लगे थे। अपनी (Criminal Mindset Analysis) के कारण वह अक्सर महिलाओं को परेशान करता था। पहली पत्नी को छोड़ने के बाद वह दूसरी पत्नी के साथ रहा, लेकिन उसकी अय्याशी की लत ने उसे एक सामान्य रेलकर्मी से खूंखार कातिल बना दिया।
पुलिस की निशानदेही पर सबूतों की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस राम सिंह को उस किराए के कमरे पर ले गई जहां उसने इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया था। वहां से पुलिस ने (Crime Scene Investigation) के दौरान हत्या में प्रयुक्त हथियार और वह स्थान बरामद किया जहां लाश को जलाया गया था। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और बताया कि किस तरह उसने एक-एक टुकड़े को बक्से में फिट करने के लिए मशक्कत की थी।
न्याय की दहलीज पर खड़ा आरोपी परिवार
इस मामले में पुलिस ने राम सिंह के साथ-साथ उसकी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को भी सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि प्रीति के पति राजकुमार की तहरीर पर (Legal Prosecution Process) शुरू कर दी गई है। बक्से से मिले अवशेषों का अब डीएनए टेस्ट कराया जाएगा ताकि वैज्ञानिक रूप से भी मृतका की पहचान पुख्ता की जा सके। झांसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश कर समाज में एक कड़ा संदेश दिया है।



