Ashes Series Pitch Controversy: मेलबर्न की जिस पिच पर दो दिन में ढेर हुए 36 धुरंधर, अब ICC ने सुनाई उस पर अपनी बड़ी सजा
Ashes Series Pitch Controversy: एशेज सीरीज के दौरान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर जो कुछ भी हुआ, उसने टेस्ट क्रिकेट की गरिमा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीमों के बीच मुकाबला (International Cricket Council) की उम्मीदों के विपरीत महज दो दिनों के भीतर सिमट कर रह गया। प्रशंसक जो तीसरे और चौथे दिन के रोमांच की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें स्टेडियम के बंद गेट देखकर भारी निराशा हाथ लगी और अब इस शर्मिंदगी पर वैश्विक संस्था ने अपनी कड़ी मुहर लगा दी है।

आईसीसी की रेटिंग ने मेलबर्न की साख को पहुंचाया बड़ा झटका
मैच खत्म होने के कुछ ही समय बाद पिच की गुणवत्ता की जांच की गई और जो परिणाम सामने आए, वे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं हैं। आईसीसी ने मेलबर्न की पिच को (Unsatisfactory Pitch Rating) की श्रेणी में डालते हुए इसे खेल के लिए अनुपयुक्त माना है। इस खराब रेटिंग के साथ ही मैदान के खाते में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ दिया गया है, जो अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे इस प्रतिष्ठित मैदान की अंतरराष्ट्रीय साख पर गहरा दाग लग गया है।
बल्लेबाजों का कब्रिस्तान बनी मेलबर्न की यह घातक पट्टी
इस मुकाबले के आंकड़े इतने डरावने हैं कि वे किसी भी टीम के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ सकते हैं। पूरे मैच के दौरान महज 142 ओवरों का खेल मुमकिन हो पाया और इस अल्प समय में ही (Test Match Wickets Fall) का आंकड़ा 36 तक पहुंच गया, जिसने पिच की अति-आक्रामक प्रकृति को उजागर कर दिया। गेंदबाज इस पिच पर हावी रहे और बल्लेबाजों के पास गेंद की अनिश्चित उछाल और मूवमेंट का कोई जवाब नहीं था, जिसके चलते खेल का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
जब अर्धशतक के लिए भी तरस गए दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज
आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट में शतकों और लंबी साझेदारियों की उम्मीद की जाती है, लेकिन मेलबर्न में कहानी इसके बिल्कुल उलट रही। मैच में हिस्सा ले रहे दोनों टीमों के किसी भी खिलाड़ी (Batting Collapse in Ashes) को रोक पाने में सक्षम नहीं थे, जिसका नतीजा यह हुआ कि कोई भी बल्लेबाज 50 रन का निजी आंकड़ा भी नहीं छू सका। इंग्लैंड ने हालांकि चौथी पारी में लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की, लेकिन जीत की दहलीज तक पहुंचने में भी उनके छह अहम विकेट गिर चुके थे।
जेफ क्रो की रिपोर्ट ने खोली पिच की सारी कमियां
आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी जेफ क्रो ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में इस पिच की तीखी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले दिन 20 विकेट और दूसरे दिन 16 विकेट गिरना यह साबित करता है कि पिच (Bowling Friendly Conditions) के मामले में सारी हदें पार कर चुकी थी। क्रो के अनुसार, यह पिच आईसीसी के तय मानकों और गाइडलाइंस पर किसी भी सूरत में खरी नहीं उतरती थी, क्योंकि इसमें बल्ले और गेंद के बीच होने वाला निष्पक्ष मुकाबला पूरी तरह गायब था।
इंग्लैंड की सांत्वना जीत पर फिरा पिच विवाद का पानी
ऑस्ट्रेलिया ने भले ही शुरुआती तीन मैच जीतकर सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया हो, लेकिन चौथे टेस्ट में इंग्लैंड की जीत उनके लिए एक बड़ी राहत बनकर आई थी। हालांकि, पिच को मिली (Demerit Points for Stadiums) की खबर ने इस जीत के जश्न को थोड़ा फीका कर दिया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दो दिन में टेस्ट मैच का खत्म होना खेल के व्यवसाय और प्रशंसकों के जुड़ाव के लिए एक घातक संकेत है।
सिडनी के अंतिम रण में साख बचाने उतरेगी दोनों टीमें
एशेज का कारवां अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चला है, जहां सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला खेला जाना है। आगामी 4 जनवरी से सिडनी (Sydney Cricket Ground Preparation) में शुरू होने वाले इस मैच पर अब पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी। मेलबर्न के कड़वे अनुभव के बाद क्यूरेटरों पर एक बेहतर और संतुलित पिच तैयार करने का भारी दबाव होगा, ताकि क्रिकेट प्रेमियों को पांच दिनों का एक स्तरीय और रोमांचक टेस्ट मैच देखने को मिल सके।
क्या ऑस्ट्रेलिया दोबारा हासिल कर पाएगा अपना दबदबा
सीरीज पहले ही 3-1 के अंतर से मेजबान ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में है, लेकिन मेलबर्न की हार ने उनकी अजेय छवि को थोड़ा कमजोर जरूर किया है। सिडनी में होने वाला (Traditional Test Cricket) मैच यह तय करेगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया अपनी लय वापस पा सकता है या इंग्लैंड इस जीत के आत्मविश्वास को लेकर सीरीज का अंत बराबरी की टक्कर के साथ करेगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को अब पिच की आलोचनाओं से बाहर निकलकर मैदान पर बेहतर खेल दिखाने की जरूरत है।



