उत्तराखण्ड

Earthquake – उत्तरकाशी और टिहरी में भूकंप के झटके, नहीं हुआ कोई नुकसान

Earthquake के झटके सोमवार देर रात उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिलों में महसूस किए गए। उत्तरकाशी में भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई, जबकि टिहरी गढ़वाल में 2.0 तीव्रता का हल्का कंपन महसूस हुआ। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन के अनुसार अभी तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

उत्तरकाशी में देर रात महसूस हुआ तेज कंपन

उत्तरकाशी जिले के यमुना और गंगा घाटी से जुड़े कई इलाकों में रात के समय अचानक धरती हिलने का अहसास हुआ। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, भूकंप का झटका रात करीब 1 बजकर 21 मिनट पर महसूस किया गया। कंपन अपेक्षाकृत तेज होने के कारण कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोगों ने आसपास रहने वाले परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर स्थिति की जानकारी भी ली।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तरकाशी में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 थी। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले में जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका केंद्र बड़कोट तहसील मुख्यालय के आसपास राजगढ़ी क्षेत्र में स्थित था।

टिहरी गढ़वाल में भी महसूस हुआ हल्का भूकंप

उत्तरकाशी के बाद टिहरी गढ़वाल जिले के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। कीर्तिनगर और घनसाली क्षेत्र में लोगों ने धरती में हल्का कंपन महसूस किया। यहां दर्ज भूकंप की तीव्रता 2.0 रही और इसकी गहराई करीब पांच किलोमीटर बताई गई है।

कम तीव्रता के इस भूकंप के बाद जिले में किसी तरह के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति सामान्य बताई गई है। स्थानीय लोगों ने भूकंप महसूस होने की जानकारी साझा की, हालांकि घटना के बाद किसी बड़े व्यवधान की खबर नहीं है।

उत्तरकाशी में घरों से बाहर निकले लोग

रात के समय आए 4.2 तीव्रता के झटके ने उत्तरकाशी के कई इलाकों में लोगों को सतर्क कर दिया। अचानक कंपन महसूस होने के बाद कुछ परिवार घरों से बाहर निकल आए। लोगों के बीच सबसे पहले अपने परिजनों और आसपास के लोगों की कुशलता जानने की चिंता रही।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी। फिलहाल दोनों जिलों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूकंप के झटकों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में मौसम भी सक्रिय बना हुआ है।

दोनों जिलों में नुकसान की सूचना नहीं

उत्तरकाशी में 4.2 और टिहरी में 2.0 तीव्रता के भूकंप के बावजूद फिलहाल किसी व्यक्ति के घायल होने, भवन क्षतिग्रस्त होने या अन्य बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासनिक एजेंसियां उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी में भी दोनों घटनाओं के बाद हालात सामान्य रहने की बात कही गई है।

भूकंप के दौरान विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की आवश्यकता होती है। उत्तराखंड जैसे भूकंपीय रूप से संवेदनशील पहाड़ी राज्य में ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता विशेष महत्व रखती है।

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