Old Age Pension – लखनऊ में अटके 13 हजार बुजुर्गों के पेंशन आवेदन
Old Age Pension के लिए आवेदन करने वाले लखनऊ के करीब 13 हजार बुजुर्ग इन दिनों उम्र के प्रमाण से जुड़े दस्तावेजों की कमी के कारण परेशान हैं। समाज कल्याण विभाग ने कुछ महीने पहले पेंशन आवेदन में उम्र सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब इसके लिए परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र को मान्य दस्तावेज के तौर पर मांगा जा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में पुराने आवेदनों में आधार कार्ड लगाया गया था। ऐसे आवेदकों को अब आवेदन में जरूरी दस्तावेज जोड़ने के लिए विकास भवन और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

आवेदन लौटाए जा रहे, लेकिन जानकारी नहीं मिल रही
विभाग की ओर से दस्तावेजों में कमी वाले आवेदन संशोधन के लिए वापस किए जा रहे हैं। परेशानी यह है कि कई बुजुर्गों को आवेदन लौटाए जाने की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही। कुछ मामलों में आवेदन से जुड़ा मोबाइल नंबर बुजुर्ग के बजाय किसी परिजन का दर्ज है, जबकि कई बुजुर्ग मोबाइल पर आने वाले संदेश या ओटीपी को नियमित रूप से नहीं देखते। इसके चलते आवेदन की स्थिति पता चलने के बाद भी कमी दूर करने में समय लग रहा है।
पेंशन से संबंधित शिकायतें एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली यानी आईजीआरएस पर भी पहुंच रही हैं। विभाग का कहना है कि आवेदन में दस्तावेज संबंधी कमी मिलने पर उसे सुधार के लिए वापस भेजा जाता है, लेकिन संशोधित आवेदन वापस आने की गति अपेक्षाकृत धीमी है।
2500 आवेदन लौटे, करीब 1000 हुए दुरुस्त
जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार के अनुसार, हाल के दिनों में लगभग 2,500 आवेदन संबंधित कमियों को दूर करने के लिए वापस किए गए। इनमें करीब 1,000 आवेदन ही अब तक सही दस्तावेजों के साथ दोबारा प्राप्त हुए हैं। इससे यह साफ है कि बड़ी संख्या में आवेदन अभी भी संशोधन की प्रक्रिया में हैं।
अधिकारी के मुताबिक, विकास भवन पहुंचने वाले आवेदकों को उनके आवेदन में मौजूद कमी के बारे में बताया जाता है और उसे दूर करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई जाती है। विभाग का कहना है कि कई मामलों में समस्या का समाधान किया जा रहा है, लेकिन आवेदन वापस होने की सूचना आवेदकों तक समय पर नहीं पहुंचना एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
आधार के बजाय अब मांगा जा रहा उम्र का प्रमाण
वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को पेंशन दी जाती है। उम्र के सत्यापन से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पहले कई आवेदनों में आधार कार्ड के आधार पर उम्र का सत्यापन किया जाता था।
गोमतीनगर निवासी रामकुमार रस्तोगी अपनी पत्नी के पेंशन आवेदन की जानकारी लेने विकास भवन पहुंचे। उनका कहना था कि आवेदन में पहले आधार कार्ड लगाया गया था और अब उम्र के लिए मांगे गए दूसरे दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। वह इससे पहले भी कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
बुजुर्गों को क्या करना चाहिए
विभाग ने आवेदकों से कहा है कि वे अपने पेंशन आवेदन की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें। यदि आवेदन में किसी दस्तावेज की कमी दिखाई देती है तो उसे जल्द से जल्द पूरा करना जरूरी है। संबंधित ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी, समाज कल्याण या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर दस्तावेज संबंधी जानकारी ली जा सकती है।
बुजुर्गों और उनके परिवारों के लिए मोबाइल नंबर भी महत्वपूर्ण है। आवेदन में दर्ज नंबर सक्रिय रखना और उस पर आने वाले संदेशों की नियमित जांच करना उपयोगी रहेगा। विभाग के अनुसार, आवेदन में कमी होने पर उसे वापस भेजे जाने की जानकारी समय पर मिल जाए तो संशोधन प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया जा सकता है।