राष्ट्रीय

Security Update – महाराष्ट्र में आतंकी प्रचार सामग्री पर सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

Security Update- महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कट्टरपंथी प्रचार और आतंकवादी संगठनों से जुड़े साहित्य के प्रसार पर रोक लगाने के लिए अहम कदम उठाया है। Security Update- गृह विभाग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत 114 ऐसी पत्रिकाओं, डिजिटल प्रकाशनों, प्रशिक्षण पुस्तिकाओं और अन्य दस्तावेजों को जब्त करने के निर्देश जारी किए हैं, जिनका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से बताया गया है। यह निर्णय खुफिया एजेंसियों से प्राप्त जानकारी और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की विस्तृत जांच के आधार पर लिया गया है।

जांच के बाद जारी हुआ सरकारी आदेश

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, जांच में सामने आया कि कई प्रतिबंधित संगठन अपने विचारों का प्रचार पुस्तकों, ऑनलाइन दस्तावेजों और डिजिटल माध्यमों के जरिए कर रहे थे। एजेंसियों को ऐसे प्रकाशनों के राज्य में उपलब्ध होने और कुछ लोगों के पास इनके मिलने की जानकारी भी मिली थी। इसके बाद एटीएस ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर गृह विभाग को कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके आधार पर जब्ती के आदेश जारी किए गए।

युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने पर जोर

गृह विभाग का कहना है कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य युवाओं को प्रभावित करना, उन्हें कट्टर सोच की ओर ले जाना और प्रतिबंधित संगठनों के लिए नए समर्थक तैयार करना हो सकता है। अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे साहित्य के प्रसार पर रोक लगाकर सुरक्षा एजेंसियां संभावित कट्टरपंथी गतिविधियों पर अधिक प्रभावी निगरानी रख सकेंगी। महाराष्ट्र एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने इसी वर्ष 17 मार्च को सरकार को भेजे गए पत्र में इन प्रकाशनों को जब्त करने की सिफारिश की थी।

कई संगठनों से जुड़े प्रकाशन प्रतिबंधित

प्रतिबंधित सामग्री में इस्लामिक स्टेट (ISIS), हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन पीर पंजाल रेजिमेंट और भारतीय उपमहाद्वीप में सक्रिय अल-कायदा से जुड़े विभिन्न प्रकाशन शामिल हैं। इनमें ‘Voice of Khurasan’ के 45 संस्करण, ‘Are You Still Sitting?’, ‘Why Should You Join the Islamic State’, ‘Nida-e-Khurasan’ और ‘Tawheed Lectures’ जैसे प्रकाशनों को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चरमपंथी विचारधारा के प्रचार के लिए किया जा रहा था।

ट्रेनिंग मैनुअल भी कार्रवाई के दायरे में

सरकार ने केवल पत्रिकाओं और डिजिटल सामग्री ही नहीं, बल्कि कथित रूप से उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े कई प्रशिक्षण दस्तावेजों को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है। इनमें विस्फोटक तैयार करने, पहचान छिपाने, सुरक्षा प्रणाली से बचने और अन्य संवेदनशील विषयों से जुड़े मैनुअल शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से ऐसी सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस साहित्य के वितरण और उपयोग से जुड़े मामलों पर भी कानूनी कार्रवाई कर सकेंगी।

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