Retirement – अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, साझा किया भावुक संदेश
Retirement – भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने अपने लंबे क्रिकेट सफर को याद करते हुए कहा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। लगभग दो दशक तक भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रहे रहाणे की विदाई ने खेल जगत और उनके प्रशंसकों को भावुक कर दिया है।

संन्यास के फैसले पर क्या बोले रहाणे
अपने संदेश में रहाणे ने कहा कि हर सफर का एक तय अंत होता है और सही समय पर उस फैसले का सम्मान करना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी की तरह जीवन में भी सही समय का महत्व होता है और उन्हें महसूस हुआ कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेने का यही उचित अवसर है। उन्होंने इस फैसले को अपने करियर का स्वाभाविक पड़ाव बताया।
डोंबिवली से टीम इंडिया तक का प्रेरणादायक सफर
रहाणे ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि मुंबई के डोंबिवली से शुरू हुआ उनका सफर सिर्फ भारत के लिए खेलने के सपने के साथ आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि अभ्यास का हर दिन और मैदान पर बिताया गया हर पल उसी लक्ष्य को हासिल करने की तैयारी था। भारतीय टीम की कैप पहनना उनके लिए हमेशा गर्व और जिम्मेदारी दोनों का प्रतीक रहा।
देश को हमेशा रखा सबसे ऊपर
वीडियो संदेश में रहाणे ने कहा कि अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धियों से पहले देश और टीम के हित को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण ही उनके खेल की सबसे बड़ी ताकत रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि सही नीयत के साथ खेला गया क्रिकेट हमेशा खिलाड़ी को कुछ न कुछ सिखाकर जाता है।
भारतीय क्रिकेट के साथ जुड़ी यादें रहेंगी खास
रहाणे ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर उनके लिए बेहद यादगार रहा। उन्होंने माना कि जीत और हार दोनों उनके करियर का हिस्सा रहीं, लेकिन टीम के साथ बिताए गए पल, मैदान पर मिले अनुभव और साथी खिलाड़ियों के साथ बनाई गई यादें सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट से उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा और वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहते हैं।
परिवार, साथियों और प्रशंसकों का जताया आभार
अपने विदाई संदेश में रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, मुंबई क्रिकेट संघ, अपने सभी कोच, साथी खिलाड़ियों, आईपीएल फ्रेंचाइजी, परिवार, मित्रों और प्रशंसकों का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कठिन और अच्छे दोनों दौर में मिले समर्थन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अंत में उन्होंने अपने प्रशंसकों के लिए कहा कि मैदान पर हार-जीत होती रहती है, लेकिन उनके दिलों में मिला सम्मान उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा।
मेलबर्न की कप्तानी बनी करियर का यादगार अध्याय
अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शामिल रही। विराट कोहली की अनुपस्थिति में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक लगाया। उनकी अगुआई में भारत ने 2-1 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीतकर क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में अपना नाम दर्ज कराया।