Politics – संसद में बयानों को लेकर बढ़ा विवाद, प्रियंका गांधी ने अपने रुख का किया बचाव
Politics- कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में दिए गए अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर बुधवार को स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कही गई बातें तथ्यों पर आधारित थीं और उनमें ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे असंसदीय माना जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सच बोलने पर कार्रवाई होती है, तब भी वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगी।

संसद में टिप्पणी पर दिया जवाब
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी व्यक्ति पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं था, बल्कि महिलाओं के प्रति सोच से जुड़े एक व्यापक मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि तथ्य सामने रखना असंसदीय माना जाता है तो यह लोकतांत्रिक बहस के लिए उचित संकेत नहीं है। उनके अनुसार संसद में दंड या कार्रवाई की चेतावनी उन्हें अपने विचार रखने से नहीं रोक सकती।
प्रह्लाद जोशी का लिया नाम
प्रियंका गांधी ने अपने बयान के समर्थन में वर्ष 2009 के मंगलुरु पब हमला मामले का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस मामले से जुड़े एक व्यक्ति को भाजपा में शामिल किए जाने के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सार्वजनिक हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाद में संबंधित व्यक्ति को पार्टी से बाहर कर दिया गया था। उनके अनुसार यह मामला महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल खड़ा करता है।
लोकसभा में हुई तीखी नोकझोंक
इससे पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने बिलकिस बानो मामले, परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और जवाबदेही के मुद्दे उठाए थे। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी की, जिसके बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने व्यक्तिगत टिप्पणी की और तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
पेलेट गन के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग
उधर, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गोगोई का कहना था कि सरकार को यह बताना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई का निर्णय किस स्तर पर लिया गया।
पेपर लीक रोकने पर थरूर का सुझाव
सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े संशोधन विधेयक, 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केवल सख्त सजा का प्रावधान पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार सरकार को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को पहले ही रोका जा सके। उन्होंने कहा कि दंडात्मक प्रावधान उपयोगी हैं, लेकिन रोकथाम की मजबूत प्रणाली अधिक प्रभावी साबित होगी।
न्याय व्यवस्था की क्षमता पर भी उठाए सवाल
शशि थरूर ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायालयों में पहले से बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। उनका मानना है कि केवल नए नियम बना देने से न्यायिक प्रक्रिया तेज नहीं होगी। इसके लिए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति, नई अदालतों की स्थापना और पर्याप्त सरकारी वकीलों की उपलब्धता भी जरूरी है, ताकि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रियंका गांधी के बयान पर थरूर का समर्थन
शशि थरूर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जिस संदर्भ में अपनी बात रखी, वह सार्वजनिक बहस का हिस्सा है। उन्होंने बिलकिस बानो मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और ऐसे मामलों में दोषियों के पक्ष में किसी भी तरह का समर्थन उचित नहीं माना जा सकता।