Convoy – रास्ते में खराब हुआ मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल सरकारी वाहन
Convoy– मुंगेर जिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम के दौरान उस समय एक अप्रत्याशित स्थिति देखने को मिली, जब उनके काफिले में शामिल श्रम संसाधन विभाग का एक सरकारी वाहन बीच रास्ते में अचानक खराब हो गया। वाहन के रुकने के बाद सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे दोबारा चालू कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिल सकी। इस दौरान सड़क पर मौजूद लोगों की नजरें भी इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं।

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सामने आई तकनीकी समस्या
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर के लोना गांव में मॉडल स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद हरपुर थाना के उद्घाटन समारोह के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान काफिले में चल रही श्रम संसाधन विभाग की एक सरकारी गाड़ी अचानक बीच मार्ग में बंद हो गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन संग्रामपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी निलेश कुमार के उपयोग में था। तकनीकी खराबी के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका, जिससे कुछ समय के लिए काफिले के साथ चल रही टीम को रुकना पड़ा।
पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने किया सहयोग
वाहन बंद होने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस जवान तुरंत सड़क पर उतरे और गाड़ी को धक्का देकर स्टार्ट करने का प्रयास किया। बाद में आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने भी सहयोग किया और वाहन को ग्रामीण सड़क से मुख्य तारापुर-हवेली खड़गपुर मार्ग तक धक्का लगाकर पहुंचाया। करीब 100 मीटर तक प्रयास किए जाने के बावजूद इंजन चालू नहीं हो पाया। इसके बाद सुरक्षा कर्मी अन्य उपलब्ध वाहनों और मोटरसाइकिलों के माध्यम से अपने निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
चालक करता रहा खराबी दूर करने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन का चालक बार-बार बोनट खोलकर तकनीकी खराबी का पता लगाने और उसे दूर करने की कोशिश करता रहा। इस दौरान वाहन के भीतर एक व्यक्ति भी बैठा दिखाई दिया। हालांकि वह संबंधित अधिकारी थे या कोई अन्य, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम को देखा और वाहन की स्थिति को लेकर चर्चा होती रही।
वाहन की जांच को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल किए जाने से पहले संबंधित सरकारी वाहन की तकनीकी जांच और फिटनेस का परीक्षण किया गया था या नहीं। हालांकि इस मामले में श्रम संसाधन विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह घटना केवल वाहन में आई तकनीकी खराबी तक सीमित मानी जा रही है और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।