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Railways – मुंबई लोकल में जल्द लागू होगा कवच 5.0, घटेगा ट्रेनों का अंतराल

Railways- मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा का उपयोग करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आने वाले समय में यात्रा और अधिक सुविधाजनक तथा सुरक्षित हो सकती है। भारतीय रेलवे मुंबई लोकल नेटवर्क के लिए विशेष रूप से तैयार किए जा रहे स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच 5.0’ को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस अत्याधुनिक तकनीक के लागू होने के बाद दो लोकल ट्रेनों के बीच का अंतर मौजूदा लगभग तीन मिनट से घटकर करीब दो मिनट रह जाने की संभावना है। इससे अधिक संख्या में ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और यात्रियों का इंतजार भी कम होगा।

बढ़ती भीड़ के बीच नई तकनीक पर जोर

मुंबई का उपनगरीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में गिना जाता है। सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे मिलकर प्रतिदिन लगभग 3,254 एसी और नॉन-एसी लोकल ट्रेनों का संचालन करते हैं। इन सेवाओं का लाभ हर दिन लगभग 63 से 68 लाख यात्री उठाते हैं। लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित संचालन के साथ ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने की रही है। अधिकारियों का मानना है कि कवच 5.0 इस चुनौती का प्रभावी समाधान साबित हो सकता है।

बढ़ सकती है लोकल ट्रेनों की संख्या

रेलवे की योजना के अनुसार नई प्रणाली लागू होने के बाद प्रतिदिन संचालित होने वाली लोकल ट्रेनों की संख्या लगभग 3,000 से बढ़ाकर करीब 4,000 तक पहुंचाई जा सकती है। इससे व्यस्त समय के दौरान प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को कम अंतराल में ट्रेन उपलब्ध हो सकेगी। अधिक सेवाएं शुरू होने से यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

कवच 5.0 का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी उन्नत सुरक्षा प्रणाली है। यदि किसी कारणवश मोटरमैन लाल सिग्नल पार करने की कोशिश करता है या ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार पकड़ लेती है, तो यह प्रणाली स्वतः सक्रिय होकर ब्रेक लगा देगी। तेज बारिश, घने कोहरे या कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी यह तकनीक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी। इससे टक्कर जैसी दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

केबिन में मिलेगी सिग्नल की पूरी जानकारी

नई तकनीक मौजूदा ऑटोमैटिक सिग्नलिंग व्यवस्था से अधिक उन्नत होगी। कवच 5.0 में सिग्नल संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां सीधे मोटरमैन के केबिन में लगी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देंगी। इससे ट्रैक किनारे लगे सिग्नलों पर निर्भरता कम होगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी घटेगी। शुरुआती चरण में सुरक्षा और बैकअप व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक सिग्नल भी समानांतर रूप से उपयोग में बने रहेंगे।

परियोजना पर तेजी से चल रहा काम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अप्रैल 2025 में मुंबई के लिए विशेष कवच 5.0 विकसित किए जाने की घोषणा की थी। वर्तमान में रिसर्च डिजाइंस एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) इसकी तकनीकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहा है। वहीं भारतीय रेलवे देश के विभिन्न मार्गों पर कवच 4.0 लागू कर रही है, जिसमें मुंबई-दिल्ली रेलखंड भी शामिल है। इस चरण के पूरा होने के बाद मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क पर कवच 5.0 लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। रेलवे का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में मुंबई लोकल सेवाओं को अधिक सुरक्षित, तेज और क्षमता संपन्न बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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