Students – छात्रों के समर्थन में प्रियंका गांधी, केंद्र की नीतियों पर उठाए सवाल
Students– कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच छात्र अपनी वैध मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और उनका समाधान निकालने की आवश्यकता है।

छात्रों के आंदोलन को बताया न्यायसंगत
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा प्रभावित किया है। उनके अनुसार, छात्र बेहतर और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
शिक्षा बजट और आर्थिक प्राथमिकताओं पर टिप्पणी
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त संसाधनों का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की वित्तीय नीतियों में शिक्षा की अपेक्षा अन्य क्षेत्रों को अधिक प्राथमिकता मिल रही है। उनके अनुसार, छात्रों के हितों से जुड़े विषयों पर अधिक संवेदनशील और जवाबदेह दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
संसद और सड़कों पर जारी विरोध
NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।
काले वस्त्र पहनकर विपक्ष का प्रदर्शन
बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने परीक्षा विवाद, छात्रों की मांगों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
खरगे ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का पर्याप्त सम्मान नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे लोग पुलिस के साथ दिखाई दिए, जिनकी भूमिका पर सवाल उठाए जाने चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हिरासत के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाया, जबकि राजनीतिक स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस लगातार जारी है।