राष्ट्रीय

TamilPolitics – तमिलनाडु में कथित विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच तेज…

TamilPolitics – तमिलनाडु में कथित तौर पर विधायकों को प्रभावित कर सरकार के खिलाफ मतदान कराने की साजिश से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। यह मामला राज्य की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) से जुड़े एक विधायक की शिकायत के बाद सामने आया। पुलिस इस पूरे प्रकरण की कई पहलुओं से जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ नए डिजिटल साक्ष्य भी सामने आए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, उथंगरई विधानसभा क्षेत्र से TVK विधायक एन. इलैयाराजा ने आरोप लगाया था कि उन्हें विधानसभा में पार्टी के निर्देशों के विपरीत मतदान करने के बदले बड़ी धनराशि की पेशकश की गई। विधायक का दावा है कि प्रस्ताव अस्वीकार करने के बाद उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर धमकियां भी मिलीं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और विभिन्न लोगों से पूछताछ की।

‘प्रोजेक्ट मेघालय’ नाम से जुड़ा दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि कथित योजना का उद्देश्य कई विधायकों को प्रभावित कर सदन में पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान कराना था। रिपोर्टों में इस कथित अभियान को “प्रोजेक्ट मेघालय” नाम दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है और मामले में आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है।

पत्रकार से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्य की जांच

मामले की जांच के दौरान चेन्नई पुलिस ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल के वरिष्ठ पत्रकार विजयन से पूछताछ की। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त कर फॉरेंसिक विश्लेषण हेतु भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामले के अन्य आरोपियों के साथ उनकी बातचीत का इस जांच से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल किसी भी भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।

यूट्यूबर और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल

पुलिस के अनुसार, मामले का एक प्रमुख आरोपी थिरुनावुक्कारासु नाम का यूट्यूबर है, जो “IPDS” नाम से एक ऑनलाइन ओपिनियन पोलिंग प्लेटफॉर्म संचालित करता है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी समीक्षा कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य व्यक्तियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए तेज

मीडिया रिपोर्टों में कुछ विपक्षी नेताओं के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। हालांकि, DMK ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं को बिना ठोस आधार के इस मामले से जोड़ा जा रहा है और जांच का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।

प्रेस की स्वतंत्रता पर भी उठे सवाल

पत्रकार विजयन से पूछताछ और उनका मोबाइल फोन जब्त किए जाने के बाद DMK सांसद कनिमोझी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि जांच के दौरान पत्रकारों के अधिकारों और कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान होना चाहिए। चेन्नई प्रेस क्लब ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए दावा किया कि पूछताछ के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए जाने की समीक्षा आवश्यक है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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