RathYatra – पुरी में रथ यात्रा से पहले अंतिम तैयारियां पूरी, सुरक्षा कड़ी…
RathYatra- ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बुधवार को भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तालध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को रथखला से श्री जगन्नाथ मंदिर के सामने लाया जाएगा। मंदिर में निर्धारित धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद ‘अज्ञा माला बीजे’ की परंपरा निभाई जाएगी। इसके बाद गुरुवार को भव्य रथ यात्रा की शुरुआत से पहले तीनों रथ सिंहद्वार के सामने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए तैयार रहेंगे।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
रथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। कटक सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) डॉ. सत्यजीत नाइक ने बताया कि राज्य के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 220 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की गई है।
तटीय सुरक्षा और रेलवे से भी समन्वय
प्रशासन ने समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। आईजीपी के अनुसार, तटीय निगरानी के लिए संबंधित एजेंसियों और नौसेना के साथ समन्वय स्थापित किया गया है तथा आवश्यक गश्ती व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रेलवे अधिकारियों के साथ भी तालमेल बनाया गया है ताकि ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। मंदिर परिसर के भीतर अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर भीड़ पर लगातार नजर रखी जाएगी। महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं।
सरकार ने व्यवस्थाओं की लगातार की समीक्षा
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि रथ यात्रा राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है और इसे सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार का प्रयास है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री और अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का आकलन कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए कई अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि वाहनों की आवाजाही में परेशानी न हो। विभिन्न स्थानों पर लगभग 1200 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। बारिश की स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी हेतु पंपों की व्यवस्था की गई है, जबकि अधिक गर्मी पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों को तैयार रखा गया है। श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए प्रमुख स्थानों पर सूचना और दिशा-निर्देश वाले बोर्ड भी लगाए गए हैं।
कई महीनों से चल रही थी तैयारियां
प्रशासन के अनुसार, रथ यात्रा की तैयारियां पिछले छह से सात महीनों से लगातार जारी थीं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन सहित सभी पहलुओं पर अलग-अलग विभागों ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्व प्रसिद्ध इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यात्रा शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।