उत्तर प्रदेश

KGMU – दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह ने मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर दिया जोर

KGMU – लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के दीक्षांत समारोह में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चिकित्सा पेशे से जुड़े विद्यार्थियों और डॉक्टरों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक की पहचान केवल उसके उपचार से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और संवेदनशीलता से भी होती है। उनके अनुसार, मरीजों के साथ आत्मीयता और विश्वास का रिश्ता उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकता है।

मरीजों के प्रति व्यवहार को बताया उपचार का अहम हिस्सा

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि कई बार मरीज डॉक्टर के सामने पहुंचते ही घबराहट महसूस करने लगते हैं, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में ‘White Coat Syndrome’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का सकारात्मक व्यवहार और संवाद मरीज के मन में विश्वास पैदा करता है। इसलिए दवा के साथ मानवीय संवेदनाएं भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए।

चिकित्सा सेवा में मानवीय दृष्टिकोण की अपील

रक्षा मंत्री ने फ्रांसीसी दार्शनिक वाल्टेयर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन की रक्षा करना अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नवप्रशिक्षित डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे केवल रोग का इलाज करने तक सीमित न रहें, बल्कि मरीज की देखभाल और उसकी भावनाओं को भी समान महत्व दें। उनके अनुसार, चिकित्सा सेवा में करुणा और जिम्मेदारी दोनों का संतुलन आवश्यक है।

KGMU की उपलब्धियों की सराहना

राजनाथ सिंह ने कहा कि KGMU ने देश को अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सक दिए हैं, जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने डॉ. अवतार सिंह, डॉ. बलराम भार्गव और डॉ. नरेश त्रेहन जैसे विशेषज्ञों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान की परंपरा सेवा, समर्पण और उत्कृष्टता की रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से भी इसी विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

रामायण और चिकित्सा नैतिकता का दिया उदाहरण

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने रामचरितमानस के वैद्य सुषेण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि एक चिकित्सक का पहला दायित्व मरीज का उपचार करना होता है, न कि उसकी पहचान या पक्ष देखना। उन्होंने चिकित्सक सर विलियम ऑसलर के उस विचार का भी उल्लेख किया कि मरीज की बात ध्यान से सुनना इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों को मानसिक एकाग्रता और ध्यान जैसी सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी।

उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं पर रखे विचार

समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और KGMU ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें गंभीर मरीजों का उपचार प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाता है और औपचारिक प्रक्रियाएं बाद में पूरी की जाती हैं। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

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