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StockMarket – थमी चार दिन की बढ़त, सेंसेक्स-निफ्टी में आई गिरावट से दबाव में आया बाजार

StockMarket- लगातार चार कारोबारी सत्रों तक मजबूती दिखाने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का असर देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 104.35 अंक फिसलकर 78,180.72 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 31.65 अंक की गिरावट के साथ 24,398.70 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस नरमी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ और 48 पैसे की गिरावट के साथ 94.95 पर बंद हुआ।

प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव

दिनभर के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर भी लगभग दो प्रतिशत टूट गए। चुनिंदा दिग्गज कंपनियों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखाई दिया, जिससे बाजार की समग्र धारणा कमजोर बनी रही।

व्यापक बाजार में भी दिखी कमजोरी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, गिरावट केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। कारोबार के दौरान 2,084 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 1,191 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। वहीं 109 शेयरों के भाव में कोई विशेष बदलाव नहीं आया। यह संकेत देता है कि बाजार के अधिकांश हिस्से में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो मेटल और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी सूचकांक में लगभग 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने बाजार को कुछ राहत दी। निफ्टी आईटी सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर बंद हुआ, जिससे तकनीकी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी रही।

वैश्विक बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भी भारतीय बाजार के लिए उत्साहजनक नहीं रहा। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी वायदा सूचकांकों पर दबाव देखा गया। एसएंडपी 500 और नैस्डेक 100 वायदा दोनों में गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। जापान, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और चीन के प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। यूरोपीय वायदा बाजारों में भी नरमी का संकेत मिला।

निवेशकों की नजर अगले संकेतों पर

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजार की आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के आगामी वित्तीय नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशक आर्थिक घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

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