SatlujMovie – ‘सतलुज’ के कंटेंट की समीक्षा के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
SatlujMovie- अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इसके कंटेंट की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से उठाया गया यह कदम फिल्म की रिलीज प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के उद्देश्य से बताया जा रहा है। हाल के दिनों में यह फिल्म अपने विषय और ओटीटी से हटाए जाने के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ शीर्षक से बनाई गई थी। निर्माताओं ने वर्ष 2022 में इसी नाम से सेंसर प्रमाणन के लिए आवेदन किया था। बाद में फिल्म ‘सतलुज’ नाम से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई, लेकिन रिलीज के कुछ समय बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद फिल्म की रिलीज प्रक्रिया और प्रमाणन को लेकर सवाल उठने लगे।
किस विषय पर आधारित है फिल्म
निर्देशक हनी त्रेहान की यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके कार्यों से प्रेरित बताई जाती है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई है। कहानी उन घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित है जिनकी जांच जसवंत सिंह खालरा ने अपने सामाजिक कार्यों के दौरान की थी। यही विषय फिल्म को लेकर सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख कारण बना हुआ है।
सरकार ने क्या कहा
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार फिल्म की रिलीज से जुड़े प्रक्रियात्मक पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि फिल्म को जिस रूप में ओटीटी पर जारी किया गया, उससे संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं और प्रमाणन प्रक्रिया की जांच की जाएगी। इसी उद्देश्य से अंतर-विभागीय समिति गठित की गई है, जो पूरे मामले का परीक्षण करेगी।
प्रमाणन प्रक्रिया भी बनी चर्चा का विषय
सरकारी अधिकारियों के अनुसार फिल्म के मूल संस्करण को सेंसर प्रमाणन के दौरान कई संशोधनों का सुझाव दिया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक निर्माताओं ने उन सुझावों को स्वीकार नहीं किया और बाद में बदले हुए शीर्षक के साथ फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया। इसके बाद संबंधित मामले के संज्ञान में आने पर प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई। जी5 ने भी पुष्टि की है कि अगले आदेश तक यह फिल्म भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी।
कलाकार और निर्देशक की प्रतिक्रिया
फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने दर्शकों से फिल्म को वैध माध्यमों से देखने की अपील की। वहीं जी5 ने भी दर्शकों से किसी भी प्रकार की पायरेसी से बचने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर निर्देशक हनी त्रेहान ने सोशल मीडिया पर संक्षिप्त संदेश साझा करते हुए उम्मीद जताई कि आगे की प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।