राष्ट्रीय

Rescue Operation – विशाखापत्तनम तट पर लापता छह मछुआरों की तलाश, जारी है नौसेना और कोस्ट गार्ड का अभियान

Rescue Operation- आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट के पास समुद्र में फंसे मछुआरों की तलाश लगातार जारी है। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक सात में से एक मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि उसके साथ समुद्र में गए छह अन्य लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद राहत दल लगातार समुद्री क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं।

समुद्र में खराब मौसम बना हादसे की वजह

जानकारी के अनुसार, विशाखापत्तनम और विजयनगरम जिलों के सात मछुआरे 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए निकले थे। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण उनकी नाव संकट में आ गई। परिजनों ने मोबाइल फोन के माध्यम से उन्हें वापस लौटने की सलाह दी थी। मछुआरों ने 4 जुलाई तक लौटने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। मोबाइल फोन बंद होने पर परिजनों ने मरीन पुलिस और कोस्ट गार्ड को सूचना दी, जिसके बाद खोज अभियान शुरू किया गया।

तीसरे दिन भी जारी है संयुक्त खोज अभियान

भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड लगातार तीसरे दिन भी समुद्र में छह लापता मछुआरों की तलाश कर रहे हैं। अभियान में कोस्ट गार्ड के दो जहाज और दो हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। बचाए गए मछुआरे से मिली जानकारी के आधार पर गंगावरम के आसपास के समुद्री इलाके में खोज का दायरा बढ़ाया गया है। हालांकि खराब मौसम, तेज हवा और ऊंची लहरें अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं, फिर भी राहत दल लगातार समुद्र में तलाश जारी रखे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए खोज अभियान तेज करने के निर्देश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पूरे अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खोज अभियान का दायरा और बढ़ाया जाए ताकि लापता मछुआरों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। राज्य प्रशासन भी नौसेना और तटरक्षक बल के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है।

व्यापारी जहाज की मदद से एक मछुआरे की बची जान

लापता नाव के मालिक कारी चिन्ना को 6 जुलाई को पनामा के झंडे वाले व्यापारी जहाज एमवी यूनिवर्स वेल्दी के चालक दल ने समुद्र से सुरक्षित निकाला। इसके बाद नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय नौसेना ने हेलीकॉप्टर भेजकर उन्हें जहाज से एयरलिफ्ट किया। रेस्क्यू होइस्ट प्रणाली की सहायता से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर आईएनएस डेगा लाया गया, जहां से उपचार के लिए केआईएमएस आइकॉन अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

समुद्र में कई घंटे तक जीवन के लिए संघर्ष

कारी चिन्ना ने बताया कि 5 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उनकी मछली पकड़ने वाली नाव समुद्र में पलट गई थी। हादसे के बाद उन्होंने कई घंटों तक समुद्र में तैरकर खुद को बचाए रखा। लगभग 18 घंटे तक संघर्ष करने के बाद रविवार सुबह करीब नौ बजे गुजर रहे व्यापारी जहाज के चालक दल ने उन्हें देखा और सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में भारतीय नौसेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए उन्हें तट तक पहुंचाकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

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