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Tribute – श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पीएम मोदी और अमित शाह ने किया नमन

Tribute – भारतीय जनसंघ के संस्थापक, शिक्षाविद और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके सार्वजनिक जीवन, शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए योगदान को याद किया। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके विचारों और कार्यों को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

प्रधानमंत्री ने बहुआयामी योगदान को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री के अनुसार, वे दूरदर्शी विचारक और उत्कृष्ट शिक्षाविद थे, जिन्होंने बदलते समय के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में नवाचार और आधुनिक सोच को प्रोत्साहित किया। उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में भी अहम प्रयास किए और पारंपरिक आजीविका से जुड़े वर्गों के हितों का भी ध्यान रखा।

राष्ट्रीय एकता पर दिया विशेष जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बंगाल के अकाल के दौरान डॉ. मुखर्जी द्वारा किए गए मानवीय कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति उनका समर्पण आज भी प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने डॉ. मुखर्जी के सार्वजनिक जीवन और विभिन्न भूमिकाओं पर आधारित एक लेख भी साझा किया, जिसमें उनके प्रशासनिक, शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया गया। साथ ही यह भी कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को हटाया जाना उनके विचारों के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा सकता है।

अमित शाह ने साझा किए विचार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शाह ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए उनका योगदान भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बंगाल के विभाजन के दौर में उनके नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ संबंधों को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।

वीडियो संदेश में बताई ऐतिहासिक भूमिका

अमित शाह ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कभी व्यक्तिगत प्रसिद्धि के लिए काम नहीं किया, बल्कि उनके हर निर्णय का उद्देश्य देशहित रहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में डॉ. मुखर्जी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शाह के अनुसार, उनके निर्णयों का प्रभाव लंबे समय तक देश की राजनीतिक और सामाजिक दिशा पर दिखाई देता रहा है।

कोलकाता में आयोजित होगा आधिकारिक कार्यक्रम

गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों के उपस्थित रहने की संभावना है। संस्कृति मंत्रालय ने पहले ही डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो वर्षों तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की घोषणा की थी। इन आयोजनों के माध्यम से उनके जीवन, विचारों और सार्वजनिक योगदान को देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए स्मरण किया जा रहा है।

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