Diplomacy – ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड दौरे पर सहयोग बढ़ाने पर रहेगा जोर
Diplomacy – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी विदेश यात्रा को भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा तथा क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की कोशिश द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ नए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने की है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग पर होगी चर्चा
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले से लागू Economic Cooperation and Trade Agreement के बाद अब दोनों देश Comprehensive Economic Cooperation Agreement को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। मौजूदा व्यापार व्यवस्था के तहत भारतीय उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में व्यापक शुल्क राहत का लाभ मिल रहा है। दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय स्तर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में निवेश, ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र में नए सहयोग की संभावनाओं पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेलबर्न में आयोजित एक बड़े सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे आयोजन दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने के साथ-साथ भारतीय समुदाय की भूमिका को भी रेखांकित करते हैं। प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु माना जाता है।
इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा विस्तार
प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे विषयों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय वार्ताएं प्रस्तावित हैं। हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संपर्क लगातार बढ़े हैं, जिससे इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है।
न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते पर रहेगी नजर
न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान Free Trade Agreement से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में वहां की संसदीय स्वीकृति एक महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। साथ ही आव्रजन नियमों से जुड़े विषय भी दोनों देशों की बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी
विश्लेषकों का मानना है कि यह विदेश दौरा भारत की आर्थिक कूटनीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, व्यापार सुविधा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों की संभावनाएं दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो सकती हैं। सरकार का उद्देश्य प्रमुख साझेदार देशों के साथ दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की भागीदारी को और व्यापक बनाना है।