StockMarket – कच्चे तेल में नरमी से शेयर बाजार मजबूत, रुपये में भी आई तेजी
StockMarket – घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत से कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 377.40 अंक की बढ़त के साथ 77,269.54 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 106.70 अंक चढ़कर 24,113.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त के साथ 94.90 के स्तर पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों से बाजार को मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है, इसलिए कीमतों में कमी से आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। इसी सकारात्मक माहौल का असर निवेशकों के रुख पर भी दिखाई दिया और शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने मजबूती दर्ज की।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में रही खरीदारी
कारोबार की शुरुआत से ही कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की सक्रियता देखने को मिली। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी इन्फोसिस के शेयर करीब तीन प्रतिशत तक मजबूत हुए, जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज में भी लगभग दो प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बड़े शेयरों में हुई खरीदारी ने बाजार की दिशा को समर्थन दिया और अधिकांश सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत कॉर्पोरेट शेयरों में निवेशकों का भरोसा फिलहाल बाजार की गति बनाए रखने में मदद कर रहा है।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई और यूरोपीय बाजारों का रुख मिश्रित रहा। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक लगभग 1.7 प्रतिशत चढ़ा, जबकि जापान का टॉपिक्स करीब एक प्रतिशत मजबूत हुआ। यूरोप के प्रमुख फ्यूचर्स सूचकांकों में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि ऑस्ट्रेलियाई बाजार लगभग स्थिर रहा। वैश्विक बाजारों के इन अलग-अलग संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू कारकों के सहारे मजबूती बनाए रखी।
तकनीकी स्तरों पर निवेशकों की नजर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। उनके अनुसार, जब तक सूचकांक 23,800 से 24,200 के दायरे से स्पष्ट रूप से बाहर नहीं निकलता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव इसी सीमा के भीतर बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को केवल व्यापक बाजार की दिशा पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत बुनियादी आधार वाले शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनिंदा क्षेत्रों में अवसर तलाशना मौजूदा परिस्थितियों में अधिक उपयुक्त रणनीति हो सकती है।
रुपये की मजबूती ने बढ़ाया भरोसा
शेयर बाजार में तेजी के साथ भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होना विदेशी निवेश और वैश्विक आर्थिक संकेतों के संदर्भ में सकारात्मक माना जा रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी, क्योंकि यही कारक बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।