Nutrition – पीरियड्स के दौरान सही खानपान से मिल सकती है बेहतर राहत और ऊर्जा
Nutrition – मासिक धर्म महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव कई तरह की शारीरिक और मानसिक असहजता पैदा कर सकते हैं। पेट में दर्द, कमजोरी, थकावट, सूजन और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं आम हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों संतुलित और पौष्टिक भोजन अपनाने से न केवल शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है, बल्कि कई सामान्य परेशानियों की तीव्रता भी कम हो सकती है। इसलिए इस अवधि में खानपान को लेकर थोड़ी अतिरिक्त सावधानी लाभदायक साबित होती है।

आयरन युक्त भोजन को दें प्राथमिकता
मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव होने की वजह से शरीर में आयरन का स्तर प्रभावित हो सकता है। यदि भोजन के माध्यम से इसकी भरपाई नहीं की जाए तो थकान, चक्कर आना और कमजोरी जैसी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। ऐसे समय में पालक, मेथी, सरसों का साग, चुकंदर, अनार, खजूर, किशमिश, गुड़, चना, राजमा और मसूर की दाल जैसे खाद्य पदार्थ उपयोगी माने जाते हैं। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि आयरन वाले भोजन के साथ संतरा, आंवला या नींबू जैसे विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने से शरीर आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।
प्रोटीन से भरपूर आहार बनाए शरीर का सहारा
इस दौरान शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता हो सकती है। प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी, ऊतकों की मरम्मत और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। भोजन में अंडा, दूध, दही, पनीर, दालें, सोयाबीन, टोफू, चिकन और मछली जैसी प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है और दिनभर ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रह सकता है।
पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का रखें ध्यान
पीरियड्स के दौरान शरीर में पानी की कमी होने पर सिरदर्द, थकान और ब्लोटिंग जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ आम तौर पर रोजाना लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं, हालांकि यह व्यक्ति की जरूरत और मौसम पर भी निर्भर करता है। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, हल्का सूप और हर्बल चाय जैसे पेय शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं। वहीं अधिक चीनी वाले पेय और अत्यधिक कैफीन का सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है।
फाइबर और ताजे फलों को करें भोजन का हिस्सा
हार्मोनल बदलाव के कारण कई महिलाओं को इस समय कब्ज, गैस या पाचन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में फाइबर से भरपूर आहार पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है। केला, सेब, संतरा, पपीता, मौसमी फल और विभिन्न बेरीज शरीर को विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराते हैं। वहीं ओट्स, ब्राउन राइस, साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर के अच्छे स्रोत हैं, जो लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने के साथ पाचन को भी संतुलित रखने में मदद करते हैं।
किन खाद्य पदार्थों से दूरी रखना बेहतर
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ खानपान की आदतें पीरियड्स के दौरान असुविधा बढ़ा सकती हैं। अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ शरीर में पानी रोक सकते हैं, जिससे सूजन और ब्लोटिंग बढ़ने की आशंका रहती है। तले हुए भोजन, फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स में मौजूद ट्रांस फैट सूजन और पेट की परेशानी को बढ़ा सकते हैं। इसी तरह अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थ और शर्करा युक्त पेय रक्त शर्करा में तेजी से उतार-चढ़ाव लाकर थकान और मूड में बदलाव का कारण बन सकते हैं। बहुत अधिक चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त पेय का सेवन भी कुछ महिलाओं में बेचैनी और ऐंठन बढ़ा सकता है। संतुलित आहार और पर्याप्त आराम के साथ इस अवधि को अपेक्षाकृत अधिक सहज बनाया जा सकता है।