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Trent – तीन दशक बाद चेयरमैन पद छोड़ेंगे नोएल टाटा, एजीएम में किया ऐलान

Trent – टाटा समूह की प्रमुख रिटेल कंपनी ट्रेंट के चेयरमैन नोएल टाटा ने संकेत दिया है कि कंपनी के साथ उनकी नेतृत्वकारी भूमिका अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ट्रेंट की 47वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी अंतिम एजीएम होगी। टाटा समूह की कॉर्पोरेट गवर्नेंस नीति के तहत नवंबर 2026 में 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उन्हें अपने पद से सेवानिवृत्त होना होगा।

नोएल टाटा का यह फैसला ऐसे समय आया है जब ट्रेंट भारतीय रिटेल उद्योग की अग्रणी कंपनियों में गिनी जा रही है और लगातार विस्तार के दौर से गुजर रही है।

परिवार से जुड़ा रहा ट्रेंट का शुरुआती सफर

ट्रेंट और नोएल टाटा का संबंध केवल पेशेवर नहीं बल्कि पारिवारिक भी रहा है। कंपनी की स्थापना में उनकी मां सिमोन टाटा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने ही ट्रेंट की बुनियाद रखी थी और इसे संगठित रिटेल क्षेत्र में आगे बढ़ाने का मार्ग तैयार किया।

नोएल टाटा ने वर्ष 1998 में ट्रेंट के बोर्ड में निदेशक के रूप में प्रवेश किया। इसके एक वर्ष बाद 1999 में उन्हें कंपनी का पहला मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया। यहीं से ट्रेंट के विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ, जिसमें कंपनी ने आधुनिक रिटेल मॉडल को अपनाते हुए तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई।

एक स्टोर से हजारों कर्मचारियों वाले नेटवर्क तक का सफर

जब नोएल टाटा ने कंपनी की कमान संभाली थी, तब ट्रेंट की पहचान मुख्य रूप से वेस्टसाइड ब्रांड तक सीमित थी। पिछले कई वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ाया और देशभर में मजबूत रिटेल नेटवर्क तैयार किया।

आज ट्रेंट के पास 1,200 से अधिक स्टोर्स का व्यापक नेटवर्क है। कंपनी ने फैशन, लाइफस्टाइल और दैनिक उपभोग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जूडियो और स्टार जैसे ब्रांड्स की लोकप्रियता ने कंपनी को नए उपभोक्ता वर्गों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कारोबारी प्रदर्शन में भी दर्ज हुई मजबूत बढ़त

नोएल टाटा के नेतृत्व में ट्रेंट ने केवल स्टोर विस्तार ही नहीं किया, बल्कि वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार राजस्व वृद्धि दर्ज की है और निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रेंट की कुल आय बढ़कर 19,701 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह आंकड़ा कंपनी की विस्तार रणनीति, उपभोक्ता मांग और ब्रांड विकास की सफलता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेंट ने भारतीय रिटेल बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने में सफलता प्राप्त की है।

उत्तराधिकार को लेकर बढ़ी चर्चा

नोएल टाटा के आगामी रिटायरमेंट की घोषणा के बाद अब बाजार और निवेशकों की नजर कंपनी के भविष्य के नेतृत्व पर टिकी हुई है। हालांकि ट्रेंट की ओर से अभी नए चेयरमैन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन आने वाले महीनों में इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

कंपनी के लिए यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब भारतीय रिटेल बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए नेतृत्व की भूमिका ट्रेंट की आगे की रणनीति तय करने में अहम मानी जाएगी।

विरासत छोड़कर जाएंगे नोएल टाटा

करीब 30 वर्षों तक ट्रेंट से जुड़े रहने वाले नोएल टाटा ने कंपनी को एक सीमित उपस्थिति वाले कारोबार से देश की प्रमुख रिटेल कंपनियों में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यकाल को ट्रेंट के विस्तार, ब्रांड निर्माण और मजबूत वित्तीय वृद्धि के दौर के रूप में याद किया जाएगा।

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